जैसलमेर/पोकरण. क्षेत्र के पोकरण फिल्ड फायरिंग रेंंज स्थित काहला व लोहारकी ग्राम पंचायत के मंगलियों की ढाणी के पास गुरुवार को भी बड़ी संख्या में टिड्डी दल देखे गए। जिस पर नियंत्रण को लेकर गुरुवार को भी टिड्डी प्रतिरक्षा एवं निरोधक विभाग व कृषि विभाग के अधिकारियों ने स्प्रे किया। गौरतलब है कि दो दिन पूर्व पाकिस्तान के रास्ते से टिड्डी दल ने प्रवेश कर क्षेत्र के रामदेवरा ग्राम पंचायत के गैर आबाद गलर गांव के आसपास डेरा डाला। टिड्डी दल के आने की सूचना मिलने पर जैसलमेर, जोधपुर, जालोर, फलोदी, पाली, बीकानेर, नागौर से कृषि व टिड्डी प्रतिरक्षा एवं निरोधक विभाग के अधिकारी अपनी टीमों, मशीनों व साजो सामान के साथ बुधवार को सुबह ही मौके पर पहुंचे। उन्होंने टिड्डी दल पर स्प्रे कर उन्हें खत्म करने की कार्रवाई की।
फिर दिखा टिड्डी दल
सहायक कृषि अधिकारी मदनसिंह चंपावत ने बताया कि गुरुवार को पोकरण फिल्ड फायरिंग रेंज में स्थित पुराने गैर आबाद काहला गांव व लोहारकी ग्राम पंचायत के मंगलियों की ढाणी में टिड्डी दल देखा गया। जिस पर डॉ.सुभाष शर्मा, टिड्डी प्रतिरक्षा एवं निरोधक विभाग जैसलमेर, फलोदी, नागौर, बाड़मेर, जालोर आदि की टीमों के अधिकारी, कृषि अधिकारियों के साथ भू-अभिलेख निरीक्षक गोविंदराम, लोहारकी पटवारी जसवंतसिंह भाटी ने क्षेत्र का दौरा किया तथा मौके पर पहुंचकर काहला व मंगलियों की ढाणी में जमीन पर लगी घास, झाडिय़ों आदि पर टिड्डी दल पर स्प्रे किया। उन्होंने ग्रामीणों की बैठक लेकर उन्हें मादा व नर टिड्डी की पहचान करवाई तथा टिड्डी दल दिखाई देने पर इसकी तत्काल सूचना प्रशासन, पटवारी, आरआई व कृषि पर्यवेक्षक आदि को देने की बात कही, ताकि समय रहते उनके नियंत्रण की कार्रवाई की जा सके।
पशुओं को स्प्रे क्षेत्र में नहीं भेजने की हिदायत
टिड्डी प्रतिरक्षा एवं निरोधक दल के अधिकारियों व कृषि अधिकारियों ने लोहारकी व आसपास क्षेत्र के किसानों व पशुपालकों को एक पखवाड़े तक उस क्षेत्र में अपने पशु नहीं चराने की हिदायत दी, जिन-जिन क्षेत्रों में कीटनाशक का स्प्रे किया गया है। गौरतलब है कि रामदेवरा, गलर, बाहला, मलका, मंगलियों की ढाणी, फिल्ड फायरिंग रेंंज आदि क्षेत्र में गत दिनों अच्छी बारिश होने से पशुओं के लिए चरने योग्य घास लगने लगी थी। ऐसे में यहां टिड्डी दल आ जाने व कीटनाशक का स्प्रे कर दिए जाने के कारण पशुपालकों के लिए परेशानी हो गई है। यदि कोई भूलवश भी पशु स्प्रे क्षेत्र में चला जाता है, तो उनकी मौत हो जाने अथवा बीमार हो जाने से भी इनकार नहीं किया जा सकता।





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