सीकर.
काम-धंधा नहीं होना ऊपर से बीमार चल रहे बेटे की चिंता मजबूर पिता को चिता तक ले गई। मानसिक तनाव में आकर उसने मौत को गले लगाते हुए खुद को फांसी लगा ली। फंदे पर झूलने का मौका भी ऐसा चुना जब घर पर कोई मौजूद नहीं था। मंगलवार सुबह जब छोटा भाई जयपुर से आया तो अंदर से कमरा बंद देखकर उसकी भी सांस फूल गई। कमरे के पीछे का गेट तोड़ा तो फांसी पर भाई को लटकता देख उसका भी कलेजा भर आया। इसके बाद पुलिस ने मृतक करण सिंह का पोस्टमार्टम करवाया और शव परिजनों को सौंप दिया। जानकारी के अनुसार 41 वर्षीय करण सिंह ने मंगलवार सुबह अपने कमरे में फांसी लगा ली थी। घटना के दौरान घर पर परिवार को कोई भी सदस्य मौजूद नहीं था। मां अपनी ब्याही हुई बेटी से मिलने गई हुई थी। जबकि छोटा भाई किसी काम से जयपुर गया हुआ था। पिछले करीब 15 दिनों से करण सिंह की पत्नी और उसके दो बच्चे अपने ननिहाल गए हुए थे। सुबह करीब नौ-दस बजे जब उसका छोटा भाई जयपुर से सीकर अपने घर पहुंचा तो घर पर कोई नहीं मिला।
बड़े भाई को इधर-उधर तलाश किया तो बाहर बना उसका कमरा अंदर से बंद था। आवाज देने पर भी जब बोला नहीं तो अनहोनी की आशंका पर वह कमरे का पीछे का गेट तोडकऱ अंदर घुसा तो करण सिंह फांसी के फंदे पर झूल रहा था। सूचना पर पड़ौसी और धर्माणा चौकी की पुलिस मौके पर पहुंची और करण सिंह को एसके अस्पताल लाया गया। यहां चिकित्सकों ने उसको मृत घोषित कर दिया। जानकारी मिली कि करण सिंह बेरोजगार था और उसका बेटा लंबे समय से बीमार चल रहा था। घर पर पत्नी भी नहीं होने के कारण वह अवसाद में था। इसके अलावा शराब पीने का आदि था। ऐसे में तनाव में आकर उसने आत्महत्या कर ली।
पिता का उठा साया
करण सिंह अपने चार भाई-बहनों में सबसे बड़ा था और उसके पिता की मौत बीमारी के कारण दो-तीन साल पहले ही हो चुकी है। अब करण सिंह की तीन साल की बेटी और उसके आठ वर्षीय भाई के सिर से पिता का साया उठ चुका है। हालांकि दोनों बहनों की शादी की हुई है और छोटा भाई निजी बैंक में काम करता है। लेकिन, सामान्य परिवार को अब उसके दोनों बच्चों की ङ्क्षचता में है।
मृत करण सिंह पिछले कई दिनों से बेरोजगार था। पत्नी और बच्चे भी गए हुए थे। ऐसे में वह तनाव में था तथा घटना के दौरान घर पर भी कोई नहीं था। मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिया गया और पुलिस जांच कर रही है। -भोपाल सिंह, धर्माणा पुलिस चौकी इंचार्ज
सुबह से घूम रहा था
मोहल्ले वालों के अनुसार सुबह जल्दी करण सिंह को उन्होंने सडक़ पर घूमते देखा था। इसके बाद वह नजर नहीं आया। संभवतया इसके बाद उसने फांसी लगा ली। स्थानीय लोगों को जब पता चला तो मृतक के घर भीड़ जुट गई।





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