चित्तौडग़ढ़. राज्य में सरकार बदलने के साथ कक्षा 8 की अंग्रेजी विषय किताब के पहले अध्याय में अब तक मौजूद रानी पद्मावती व अन्य महिलाओं के जौहर का चित्र हटा उसकी जगह दुर्ग का चित्र लगाने का मामला तुल पकड़ गया है। इस मामले में शिक्षा मंत्री गोविन्दसिंह डोटासरा के उस बयान पर जौहर स्मृति संस्थान चित्तौडग़ढ़ ने कड़ा विरोध जाहिर किया है जिसमें उन्होंने कहा था कि जौहर की तस्वीर इसलिए हटाई जाएगी कि इससे सती प्रथा को बल मिलता है। संस्थान ने आरोप लगाया कि मंत्री ने राजस्थान के इतिहास में जौहर व सती में क्या अंतर होता इसकी सही व्याख्या नहीं की है। जौहर मातृभूमि पर संकट आने पर समस्त महिलाओं द्वारा सामूहिक रूप से स्त्रीत्व, त्याग व बलिदान की सर्वोच्च पराकाष्ठा का प्रतीक है। संस्थान ने चेताया है कि जौहर राष्ट्रधर्म एवं संस्कृति की रक्षार्थ आत्मोत्सर्ग के लिए किसी भी तरह से इतिहास व धर्म के साथ कभी छेडख़ानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जौहर भवन में हुई बैठक में पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार तो आती जाती रहती है पर सरकार इतिहास तय नहीं करती है। अगर जौहर को लेकर सुधार नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा। बैठक में संस्थान के महामंत्री मंगलसिंह खंगारोत, उपाध्यक्ष शक्तिसिंह शक्तावत, कोषाध्यक्ष नरपतसिंह भाटी, भूपाल शिक्षा समिति के प्रबन्ध निदेशक लालसिंह भाटी, जौहर क्षत्राणी संस्था की अध्यक्ष निर्मला राठौड़, जौहर क्षत्राणी महिला मंडल की अध्यक्ष मंजूश्री शक्तावत, श्रीराजपूत करणी सेना के अध्यक्ष भूपेन्द्रसिंह भाटी सहित कई पदाधिकारी व विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद थे।
नारी समाज के त्याग व अस्मिता का प्रतीक
जौहर चित्तौैड़ की वीरधरा के नारी समाज के त्याग व अस्मिता का प्रतीक है। अंग्रेजी की कक्षा ८ की किताब से इसे हटाना सहन नहीं किया जा सकता है। शिक्षा मंत्री का ये बयान की बच्चियों को जौहर करना नहीं सीखा सकते क्योंकि ये पूरे देश में बैन है सहीं नहीं है। उन्हें जौहर व सती प्रथा में अंतर समझना होगा।
तख्तसिंह सोलंकी, अध्यक्ष, जौहर स्मृति संस्थान,चित्तौडग़ढ़
गौरवमय संस्कृति व वीर भूमि राजस्थान का अपमान
राजस्थान के इतिहास को तोड़ मरोड़कर वीर वीरांगनाओं के बलिदान को नकार कर राज्य की गहलोत सरकार हमारी युवा पीढ़ी को दिगभ्रमित करना चाहती है। राष्ट्र के प्रति कर्तव्य की आहूति में प्राण न्यौछावर करने वाले इतिहास को सती प्रथा बताकर राष्ट्रवाद को कमजोर करने का प्रयास हो रहा है। ये हमारी गौरवमय संस्कृति व वीर भूमि राजस्थान का अपमान है। पाठ्य़क्रम में इस तरह का बदलाव किसी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा।
सीपी जोशी, सांसद,चित्तौडग़ढ़
जौहर हमारे स्वाभिमान व आत्मगौरव का प्रतीक
अंग्रेजी की कक्षा 8 की अंग्रेजी किताब से रानी पद्मनी के जौहर का चित्र हटाना किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार ऐसा करके इतिहास के साथ छेड़छाड़ कर रही है। जौहर हमारे स्वाभिमान व आत्मगौरव का प्रतीक है उस बारे में राज्य के शिक्षा मंत्री का बयान निंदनीय है। जौहर का चित्र पुस्तक में वापस नहीं आया तो सर्वसमाज को साथ लेकर सड़कों पर आंदोलन किया जाएगा।
चन्द्रभानसिंह आक्या, विधायक, चित्तौडग़ढ़





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