बेसहारा गोवंशों को रोज डालते हैं हरा चारा
- दानदाताओं की सूची नहीं बढऩे से हो रहा मुश्किल
चौहटन .भूख से व्याकुल तीन सौ से अधिक बेसहारा गोवंश रोजाना कचरे के ढेर पर पॉलीथिन चबाने को मजबूर हैं। इसको लेकर कुछ गौ भक्त इन गोवंशों के लिए बीते तीन वर्षों से हरे चारे का प्रबंध कर रहे हैं। तीन किलोमीटर परिधि में पसरे चौहटन कस्बे में दिनोंदिन बेसहारा पशुओं की तादाद बढ रही है। कस्बे वाहसियों का कहना है कि कई लोग अपने मवेशियों को रामभरोसे छोड़ रहे हैं, इससे कस्बे में इनकी संख्या बढ़ रही है। कस्बे में आठ-दस युवा बीते तीन वर्षों से इन बेसहारा पशुधन के लिए हरे चारे की व्यवस्था कर रहे हैं। इनके अलावा दानदाताओं की सूची आगे नहीं बढ़ रही है। ऐसे में अधिकतर गोवंश पॉलीथिन खाने को मजबूर हंै।
बालोतरा से मंगवाते हैं
रोजाना तीन क्विंटल हरा चारा बालोतरा से मंगवाते हैं। बस संचालक इसका किराया नहीं लेता। वहीं चारे का खर्च हम मिलकर उठाते हैं।
- सवाईलाल सोनी, गोभक्त
धनसंग्रह के साथ ही रोजाना सवेरे 5 बजे कस्बे के गली मौहल्लों व मुख्य बाजार में चारा वितरण कर रहे हैं। वे अपनी ओर से भी आर्थिक सहयोग कर रहे हैं।
- मोहनसिंह सोढ़ा, गोभक्त





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