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सरहदी गांव के बच्चे चलाएंगे माउस,सीखेंगे कम्प्यूटर का मूल ज्ञान

जैसलमेर. सरहदी जिले के सुदूर बॉर्डर पर स्थित ग्राम पोछीना में क्षेत्रीय मुख्यालय सीमा सुरक्षा बल जैसलमेर, दक्षिण और 56 वी वाहिनी की ओर से गांव स्थित पुरानी बैरक को आधुनिक रूप देकर गांव को समर्पित किया। यह बैरक गत 20 वर्षों से रेत में दबी हुई थी। उसे एक वर्ष के अथक प्रयास एवं मेहनत से आधुनिक कम्प्यूटर प्रशिक्षण एवं भर्ती सहायता केन्द्र के रूप में तब्दील किया गया है। सीमा सुरक्षा बल के उप महानिरीक्षक राजेश कुमार ने यह बैरक गांव वालों को समर्पित किया। सीमावर्ती इलाकों में ग्रामीण बच्चों, छात्रों एवं युवाओं के लिए कम्प्यूटर सीखने की सुविधा विद्यालय में उपलब्ध नहीं होने से सीमावर्ती इलाकों के बच्चों को बेसिक कम्प्यूटर ज्ञान के लिए120 किलोमीटर दूर स्थित जैसलमेर जिला मुख्यालय ही जाना पड़ता है। इस समस्या के हल के लिए सीसुब के महानिरीक्षक राजेश कुमार ने पाया कि सीमा सुरक्षा बल की पुरानी बीओपी पोचीना में एक जवान बैरक है, लेकिन वो रेत से पूरी तरह से दबी हुई थी। इसके उपरान्त उन्होंने समादेष्टा 56 वाहिनी सीमा सुरक्षा बल एवं ग्राम पोचीना के निवासियों से इस संंबंध में बात की तो ग्रामीणों ने उप महानिरीक्षक को अपने स्तर पर पूर्ण सहयोग के लिए आश्वस्त किया। सीमा सुरक्षा बल कार्मिकों एवं पोचीना निवासियों के सम्मिलित प्रयासों द्वारा उक्त पुरानी बैरक की मिट्टी को जेसीबी एवं ट्रेक्टरों द्वारा खाली कराया और बैरक का पीण्वीण्सी पैनलिंग लगाने सहित जीर्णोद्धार कराया। अब यह वातानुकूलित कम्प्यूटर प्रशिक्षण एवं भर्ती सहायता केन्द्र के रूप में तब्दील हो चुका है। शनिवार शाम को डीआइजी राजेश कुमार ने रंगारंग समारोह में उक्त केन्द्र को सीमान्त जन के लिए अर्पित किया।



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