Breaking News
recent

तोड़ दिए अब तक के सारे रिकॉर्ड हमने

गत वर्षकी तुलना में विज्ञान संकाय में 14 फीसदी और वाणिज्य में 11 फीसदी रही ग्रोथ
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने इस बार जारी नहीं की राज्य व जिला स्तरीय वरीयता सूची
विज्ञान विषय में 62.26 फीसदी विद्यार्थी प्रथम श्रेणी में रहे है। वही वाणिज्य संकाय में भी 51.59 फीसदी विद्यार्थी प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण हुए है।

प्रतापगढ़. प्रतापगढ़ के जिला बनने के बाद माध्यमिक शिक्षा बोर्डके कक्षा बारहवीं के विज्ञान व वाणिज्य संकाय के परिणाम ने अब तक सारे रिकार्ड तोड़ दिए हैं। इस बार सत्र(2018-19) में प्रतापगढ़ जिला स्तर पर वाणिज्य वर्ग में जहां 92.63 प्रतिशत परिणाम रहा है, वहीं विज्ञान वर्ग में 89.76प्रतिशत रहा है। जो सात सालों में प्रतापगढ़ जिले का सर्वश्रेष्ठ परिणाम रहा है।
विज्ञान संकाय: बोर्डकी ओर से बुधवार को घोषित विज्ञान और वाणिज्य के परीक्षा परिणाम जिले के लिए उत्साहवर्धक रहे। विज्ञान संकाय में जिले में कुल 1553 विद्यार्थी परीक्षा में बैठे, जिनमें से 1394 उत्तीर्ण हुए। उत्तीर्ण परीक्षार्थियों में से 868 विद्यार्थी प्रथम श्रेणी रहे जो 62.26 फीसदी है। विज्ञान में संख्यात्मक और गुणात्मक रूप से भी जिले का परिणाम अच्छा रहा। जिले में प्रथम श्रेणी से उत्तीर्णछात्रों की संख्या अन्य श्रेणियों की तुलना में ज्यादा है। द्वितीय श्रेणी में 523 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए जबकि मात्र तीन छात्र तृतीय श्रेणी में उत्तीण हुए।
वाणिज्य संकाय: जिले में कुल 339 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। इसमें से 314 पास हुए। उत्तीर्ण विद्यार्थियों में से 162 प्रथम श्रेणी, 137 द्वितीय श्रेणी और मात्र 15 तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण हुए। यहां भी प्रथम श्रेणी से पास होने वाले छात्रों का प्रतिशत 51.59 रहा।
राजकीय विद्यालयों इनका परिणाम रहा शतप्रतिशत: जिले के राजकीय विद्यालयों में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय देवगढ़, असावता, जाजली, चांदोली, कारुण्डा, केसून्दा, करजु, बालिका धरियावद, मूंगाणा, पीपलखूंट और राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पारेल का विज्ञान संकाय का परिणाम शत प्रतिशत रहा है। वही वाणिज्य संकाय में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय केसून्दा, चूपना, बरडिय़ा, ध्रियावद, पीपलखूंट समेत जिले के पांच राजकीय विद्यालयों ने शत प्रतिशत परिणाम दिया ।
जिला बनने के बाद पहली बड़ी उपलब्धि:
26 जनवरी 2008 में प्रतापगढ़ जिला राजस्थान का 33 वां जिला बना। शिक्षा विभाग की दृष्टि से इसे अक्टूबर 2009 में अलग जिला बनाया और जिला शिक्षा अधिकारी की नियुक्ति की गई। इसके बाद माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने वर्ष 2010-11 में पहली बार प्रतापगढ़ जिले में बोर्ड परीक्षा का आयोजन किया। इस प्रकार पिछले आठ साल के प्रतापगढ़ जिले के विज्ञान व वाणिज्य संकाय के परिणाम देखें तो इस वर्ष का परिणाम सर्वश्रेष्ठ रहा है। इसे लेकर शिक्षा विभाग में खासा उत्साह रहा।
सरकारी विद्यालयों का रहा बेहतर परिणाम
विज्ञान विषय में जिले के कुल 30 राजकीय विद्यालयों में से 11 विद्यालयों का परीक्षा परिणाम शत प्रतिशत रहा वहीं 16 निजी विद्यालयों में महज 4 विद्यालय ही शत प्रतिशत परिणाम दे सके। यही हाल वाणिज्य विषय में भी रहा है। जिले के 11 राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों में से 5 विद्यालयों में परीक्षा परिणाम शत प्रतिशत रहा है। वहीं 08 निजी विद्यालयों का परिणाम शत प्रतिशत रहा है।

बेहतर मॉनिटरिंग का परिणाम है...
&शिक्षकों एवं छात्रों की मेहनत का परिणाम है। वही बेहतर तरीके से कि गई मॉनिटरिंग रही। जहां भी शिक्षकों की कमी थी। तुरंत पूरा किया गया। उम्मीद है आने वाले वर्षो में और भी श्रेष्ठ परिणाम देने का प्रयास किया जाएगा। ओवरऑल निजी विद्यालयों से राजकीय विद्यालयों की परफोरमेंस श्रेष्ठ रही है। शिक्षकों और छात्रों की मेहनत का फल हैयह परिणाम।
डा. शांतिलाल शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी ( माध्यमिक) प्रतापगढ़

साल सालों का परिणाम

12 वीं कक्षा
विज्ञान वर्ग 14 वृद्धि

2010-11 84.40 प्रतिशत
2011-12 84.18 प्रतिशत
2012-13 66.28 प्रतिशत
2013-14 44.42 प्रतिशत
2014-15 60.39 प्रतिशत
2015-16 85.52 प्रतिशत
2016-17 87.73 प्रतिशत
2017-18 75.00 प्रतिशत
2018-19 89.76 प्रतिशत

12 वीं कक्षा
वाणिज्य वर्ग 11त्न वृद्धि
2010-11 75.59 प्रतिशत
2011-12 60.00 प्रतिशत
2012-13 84.17 प्रतिशत
2013-14 83.33 प्रतिशत
2014-15 57.35 प्रतिशत
2015-16 89.94 प्रतिशत
2016-17 91.25 प्रतिशत
2017-18 90.00 प्रतिशत
2018-19 92.63 प्रतिशत


वाणिज्य संकाय
कुल विद्यार्थी 339
प्रथम श्रेणी 162
द्वितीय श्रेणी 137
तृतीय श्रेणी 15
उत्तीर्ण 314
फेल 025
विज्ञान संकाय
कुल विद्यार्थी 1553
प्रथम श्रेणी 868
द्वितीय श्रेणी 523
तृतीय श्रेणी 03
उत्तीर्ण 1394
फेल 159



Rajasthan Darpan IFTTT

Rajasthan Darpan IFTTT

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.