हिण्डौनसिटी. कैलाशनगर स्थित जिले की सबसे बडी कृषि उपज मंडी में एफसीआई द्वारा समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद तो की जा रही है, लेकिन बेमौसम बारिश से भीगे गेहूं की खरीदारी नहीं होने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हिण्डौन उपखंड समेत जिलेभर में पिछले दिनों हुई बारिश के कारण कई किसानों का गेहूं भीग गया था। जिससे गेहूं की गुणवत्ता कमजोर हो गई। गेहूं पर चमक नहीं होने से एफसीआई ने हल्की गुणवत्ता वाले गेहूं को खरीदने से साफ इंकार कर दिया है।
ऐसे में किसानों को मंडी के खुले नीलामी बाजार में औने पौने दामों पर अपनी गेहूं की उपज बेचनी पड़ रही है। ऐसे में उन्हें घाटा उठाना पड़ रहा है। किसानो का कहना है कि फसल के समय बारिश होने से गेहंू के दाने में नुकसान हुआ। गेहूं की चमक कम हो गई। इस गेहूं को भारतीय खाद्य निगम नहीं खरीद रहा। निगम के प्रतिनिधि ने बताया कि गेहंू की चमक मापदंड के अनुसार कम होने से माल तुलाई नहीं कर पा रहे हैं।
किसान संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री को भेजा पत्र-
किसान संघर्ष समिति के जिला महामंत्री भरतसिंह डागुर ने बताया कि गत दिनों हुई बारिश से खेतों में पक कर तैयार खड़ी गेहूं की फसल में नुकसान हुआ है। बारिश से प्रभावित गेहूं नहीं खरीदने से किसानों को नुकसान हो रहा है। मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में किसानों ने मांग की है कि अन्य जिलों की तरह करौली में भी कम चमक वाले गेहूं की खरीद की जाए। जिससे किसानों को राहत मिल सके।





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