चित्तौडग़ढ़।
जिस दल की सरकार, सरकारी स्कूलों में उसी के अनुरूप पाठ्यक्रम। राज्य में सरकार बदलने के साथ किताबें और इतिहास-महापुरुषों से जुड़े तथ्य बदलने की इस प्रवृत्ति ने इस बार लम्बी रार छेड़ दी है। राज्य में कक्षा 8 की अंग्रेजी की किताब से जौहर ( Jauhar ) का चित्र हटा दुर्ग का चित्र लगा देने का मामला तूल पकड़ गया है। जौहर स्मृति संस्थान चित्तौडग़ढ़ ने राज्य के शिक्षा मंत्री गोविंदसिंह डोटासरा ( Govind Singh Dotasara ) के उस बयान पर भी विरोध जताया है जिसमें उन्होंने सती प्रथा बैन होने के कारण बेटियों को जौहर करना नहीं सीखा सकते की बात कही थी। संस्थान के अध्यक्ष तख्तसिंह सोलंकी ने कहा कि शिक्षा मंत्री को जौहर और सती के अंतर को समझना होंगा। संस्थान ने पुस्तक में फिर जौहर का चित्र नहीं लगाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
इधर मध्यप्रदेश में चुनाव प्रचार कर रहे चित्तौडग़ढ़ सांसद सीपी जोशी और यूपी में प्रचार में लगे चित्तौडग़ढ़ विधायक चन्द्रभान सिंह आक्या ने भी बयान जारी कर जौहर का चित्र पुस्तक से हटाने को राजस्थान और मेवाड़ के गौरवमय इतिहास से छेड़छाड़ बताते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि ऐसा करना किसी कीमत पर बर्दाश्त नही होंगा।
मौजूदा कांग्रेस सरकार की ओर से प्रस्तावित बदलाव को लेकर छिड़ी जंग बुधवार को ट्विटर पर दिनभर चली। पहला वार पूर्व शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी ने किया। फिर केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, पूर्व विधायक दीयाकुमारी ने हमला किया। शिक्षामंत्री गोविंद सिंह डोटासरा भी जवाबों के साथ पलटवार करते रहे।
सरकार के साथ बदलता रहा है पाठ्यक्रम
कोर्स में बदलाव पहली बार नहीं बल्कि सरकार बदलने के साथ यह बदलाव होता रहा है। पिछली भाजपा सरकार ने महाराणा प्रताप, गुरु गोविंद सिंह, सुभाषचंद्र बोस, सावरकर, श्यामाप्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय को पाठयक्रम में शामिल किया था। साथ ही आरएसएस के पूर्व सरसंघचालक केएस सुदर्शन, नानाजी देशमुख की जीवनी शामिल की थी। प्रार्थना सभा योग, वंदे मातरम, सूर्य नमस्कार को भी शामिल किया था।





No comments:
Post a Comment