ब्राह्मण समाज में एकजुटता, शिक्षा, संस्कृति व संस्कारों को लेकर विचार-मंथन
भीनमाल . शहर के वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत विद्यालय में विप्र फाउंडेशन के तत्वावधान में रविवार को ब्राह्मण चेतना सम्मेलन हुआ। सम्मेलन में आसोतरा के गादीपति संत तुलसाराम महाराज ने शिरकत की। सम्मेलन में ब्राह्मण समाज में एकजुटता, शिक्षा, संस्कृति व संस्कारों को लेकर विचार-मंथन हुआ। सम्मेलन का आगाज विप्र कुलभूषित भगवान परशुराम की तस्वीर के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर हुआ। इसके बाद मुख्य वक्ता कवि व प्रोफेसर मुकेश मोलवा ने राष्ट्र भक्ति से ओतप्रोत कविताएं पेश की।
उन्होंने ब्राह्मणों के अभ्युदय को लेकर विप्र कुल भूषण अत्री, कश्यप, ददिशी सहित परशुराम भगवान के छठे अवतार का विस्तार से काव्य पाठ कर श्रोताओं का मनमोहा। ब्रह्मसावित्री पीठाधीश्वर ब्रह्मधाम आसोतरा के तुलसाराम महाराज ने ब्राह्मणों को आज के समय की प्रासंगिकता को लेकर संस्कार एवं वेद विद्या पर महत्ती आवश्यकता बताई। डॉ. अरूण दवे ने साहित्य सृजन के साथ परशुराम, माघ व ब्रह्मगुप्त की श्रीमाल धरा को साकार कर गौरवान्वित किया। उन्होंने उन्होंने आज के तकनिकी युग में शिक्षा पर जोर दिया। दण्डी स्वामी आश्रम कालन्द्री के स्वामी देवानन्द सरस्वती ने ब्राह्मणों के संस्कार एवं वेद, उपनिषद व शास्त्रों की विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन डॉ. घनश्याम व्यास किया। इसके बाद प्रसादी का कार्यक्रम हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम में विशेष योग्यजन पूर्व आयुक्त धन्नाराम पुरोहित, प्रधान धुखराम राजपुरोहित, डॉ. अक्षय बोहरा, प्रभुदयाल राजपुरोहित, हेमराज राजपुरोहित, डॉ. नरेन्द्र पाठक, श्याम बोहरा, मुकेश दवे, प्रवीण एम दवे, विद्याशंकर बोहरा, मीठालाल वैष्णव, गणपतलाल ओझा, दीवाकर मत्तड़, कुलदीप याज्ञी, केदारेश्वर बोहरा, विजयराज पुरोहित, सुरेश बोहरा व रजनीकांत वैष्णव मौजूद थे।
जयकारों के साथ मंदिर में चढ़ाई ध्वजा
भीनमाल. शहर के महावीर चौराहे पर रविवार का जुजार मालदेव सोलंकी एवं माताजी मंदिर का द्वितीय वार्षिक ध्वजारोहण संतों के सान्निध्य में हुआ।
वार्षिकोत्सव को लेकर सुबह से ही मंदिर में भक्तों की आवाजाही लगी रही। भक्तों ने प्रसादी चढ़ाकर मन्नत मांगी। इससे पूर्व वार्षिकोत्सव को लेकर रात में भजन संध्या हुई। जिसमें कलाकारों ने भजनों की प्रस्तुति दी। रविवार सुबह गाजे-बाजे व वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मंदिर के शिखर पर ध्वजा चढ़ाई। इस मौके मालदेव मामाजी व माता के जयकारे गूंजे। कार्यक्रम में पादरा महंत मंगलगिरी, गजीपुरा महंत प्रेमभारती, कुलदीप भारती व शक्ताईनाथ महाराज ने शिरकत की। कार्यक्रम में हरीसिंह सोलंकी, जबरसिंह सोलंकी, बलवंतसिंह सोलंकी, कालूसिंह, अमृतलाल प्रजापत, माणकमल भंडारी, भंवरलाल सोनी, जीवसिंह, अमरसिंह, नारायणसिंह, मगंलसिंह, मलसिंह, घेवरसिंह, पेपसिंह, डूगंरसिंह, सुरमसिंह, दिनेशसिंह, उत्तमसिंह, भवरसिंह देवडा, भवानीसिंह देवडा, लकमाराम माली व अन्य मौजूद थे।





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