एक ही फॉल्ट में गुल हो जाती है कई घरों की बिजली, अलग-अलग लाइन नहीं होने से बढ़ रही समस्या
नारणावास. ग्रेनाइट की खदानों में बिजली सप्लाई के लिए नया नारणावास 33 केवी ग्रिड में दो वर्ष पहले एक ट्रांसफार्मर लगाना था, लेकिन इसे शुरू नहीं किया गया।ट्रांसफार्मर रखने के बाद डिस्कॉम इसे शुरू करना भूल गया।
जानकारी के अनुसार बिना चालू किए ही ट्रांसफार्मर की गारंटी अवधि भी खत्म होने को आ रही है।इससे लोग वोल्टेज की समस्या से जूझ रहे हैं।ग्रेनाइट की खदानों में जाने वाली लाइन पर जिओ (बिजली डाइवर्ट करने वाला उपकरण) नहीं लगाने से ग्रेनाइट माइंस में एक फॉल्ट आते ही दोनों कस्बों की बिजली बंद हो जाती है। इससे कई घर अंधेरे में डूब जाते है। फॉल्ट नहीं मिलने तक घंटों बिजली ठप रहना आम बात है। ऐसे में दोनों कस्बों के ग्रामीणों को मजबूरी में परेशानी झेलनी पड़ती है। नारणावास व नया नारणावास दोनों ही गांव 24 घंटे चालू रहने वाली लाइन से जुड़े हुए हैं। धवला व नारणावास ग्रेनाइट माइंस में बिजली कनेक्शन देने के लिए अलग से लाइन ग्रिड तक खींच रखी है।उसे अलग से दूसरे अतिरिक्त रखे ट्रांसफार्मर से जोडऩा चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा।नारणावास व नया नारणावास जाने वाले फीडर से सीधा जोड़ देने से इन गांवों की समस्या बढ़ रही है।
फिर भी नहीं दे रहे ध्यान
बिजली लाइन को अलग नहीं करने से ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।बताया कि खदानों में आने वाले फॉल्ट का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।इसके लिए लाइन को अलग करने की जरूरत है।
दो वर्ष पूर्व करीब इस किलोमीटर नई बिजली की लाइन खिंच कर सप्लाई आरंभ की थी, लेकिन जिओ नहीं लगाने से किए कराए पर पानी फिर गया। अतिरिक्त ट्रांसफार्मर शुरू करने पर भी समस्या का समाधान हो सकता है, लेकिन डिस्कॉम ध्यान नहीं दे रहा।





No comments:
Post a Comment