अलवर. कोतवाली थाना पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लोन पास करा ऑनलाइन ठगी करने वाले शातिर बदमाश को उत्तरप्रदेश के खलीलाबाद से गिरफ्तार किया है। पुलिस पूछताछ में शातिर ठग ने कई वारदातें कबूली हैं।
कोतवाल कन्हैयालाल चौधरी ने बताया कि 60 फीट रोड स्थित आजाद नगर निवासी पूरणचंद सैनी पुत्र हरपाल सैनी ने 22 अप्रेल को रिपोर्ट दर्ज कराई कि 21 अप्रेल की शाम 4 बजे उसके इंडस बुल फाइनेंस कम्पनी से वीरेन्द्र चौहान नाम के व्यक्ति का फोन आया। उसने कहा कि आपने जो ऑनलाइन पर्सनल लोन लिया है उसकी किश्तें भरो। उसने फोन करने वाले व्यक्ति को बताया कि उसने उनकी कम्पनी से आज तक कोई लोन नहीं लिया है। वीरेन्द्र चौहान ने उसे भगतसिंह सर्किल स्थित ब्रांच में आने को कहा। जब वह वहां गया तो वीरेन्द्र चौहान व कम्पनी के अन्य कर्मचारियों ने उसे लोन के कागजात दिखाए। उन्हें देखकर पता चला कि किसी व्यक्ति ने उसके आधारकार्ड व पेनकार्ड पर फोटो लगाकर लोन लिया है।
वह फोटो उसका नहीं था तथा आधारकार्ड और पेनकार्ड में नाम व पते में संशोधन कर रखा था। इस फर्जीवाड़े की शिकायत कोतवाली थाना पुलिस को दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी। थाने के उपनिरीक्षक कैलाशचंद यादव ने बैंक खाता और कॉल डिटेल के आधार पर शातिर ठग जितेन्द्र कुमार (30) पुत्र बृजलाल निवासी गांव बारी थाना खजनी जिला गोरखपुर (उत्तरप्रदेश) को गिरफ्तार कर लिया।
यूं देता वारदात को अंजाम
शातिर ठग जितेन्द्र कुमार अपने पैतृक गांव बारी से दूर खलीलाबाद में रहकर लखनऊ, गोला बाजार व अलवर आदि स्थानों के लोगों को विभिन्न फाइनेंस कम्पनियों से ऑनलाइन लोन दिलाने के नाम पर ठगी करता था। वह ग्राहकों के आधार व पेनकार्ड में कम्प्यूटर से आंशिक संशोधन अपनी पुरानी मोबाइल सिम पर ओटीपी प्राप्त कर स्वयं अपने सहयोगियों द्वारा तैयार एसबीआई बैंक के फर्जी खातों में लोन के पैसे डलवाकर एटीएम प्राप्त करता। पैसा प्राप्त होने के बाद वह मोबाइल सिम व एटीएम को तोडकऱ फेंक देता। जिससे कि पकड़ा नहीं जा सके।





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