बामनवास (गंगापुरसिटी) . आंतरी क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित नानेटा घाटी का कार्य पिछले तीन माह से सरकारी बेरुखी के चलते बंद पड़ा है। इसके चलते लोगों का सपना साकार नहीं हो पा रहा है। प्रदेश की पूर्ववती भाजपा सरकार ने नानेटा घाटी की एनओसी जारी कर घाटी कटिंग एवं सडक़ का निर्माण कार्य प्रारंभ कराया था, लेकिन प्रदेश में सरकार बदलते ही कार्य की चाल भी सुस्त हो गई है।
तीन महीनों से तो आलम यह है कि सरकार द्वारा संवेदक को एक रुपए का भुगतान नहीं किए जाने से संवेदक द्वारा घाटी का कटिंग कार्य बंद कर दिया है। लगभग ५० वर्ष के लंबे इंतजार के बाद घाटी कटिंग के लिए वन विभाग से एनओसी मिल पाई थी, लेकिन बजट मुहैया न होने से घाटी के कार्य पर विराम लगा हुआ है। संवेदक द्वारा भुगतान के अभाव में अपने संसाधन भी यहां से हटा लिए गए हैं।
कटिंग का काम लगभग पूरा, फिनिशिंग अटकी
ग्रामीणों की मानें तो संवेदक द्वारा नानेटा घाटी की कटिंग का कार्य लगभग पूरा कर दिया है। अब केवल फिनिशिंग का कार्य बाकी रहा है। भांवरा उपतहसील कार्यालय से लेकर नानेटा घाटी की चोटी पर स्थित बालाजी मंदिर तक ग्रेवल सडक़ तैयार कर उसकी कुटाई का कार्य भी शत-प्रतिशत हो गया है। यहां पर केवल डामरीकरण बाकी है। इधर मीना कोलेता साइड से भी एस आकार का टर्न तैयार हो गया है।
इसमें केवल एक घूम पर संटिग दीवार तथा चौड़ाईकरण करना बाकी है। स्थिति यह है कि कई बाइक सवार तथा ट्रैक्टर चालक घाटी में होकर अपने वाहन आंतरी साइड से मीना कोलेता साइड उतार लेते हैं। हालांकि इसमें जोखिम भी है, लेकिन फिर भी लोग जान जोखिम में डालकर अपने वाहनों को उतार रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार घाटी में एक दो स्थानों पर रोड़े फैले होने से वाहनों के फिसलने का अंदेशा रहता है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि वे इस संबंध में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से बंद पड़े नानेटा घाटी के कार्य को फिर से शुरू कराने के लिए कई बार गुहार लगा चुके हैं।
बजट मिलते ही शुरू हो सकेगा कार्य
यह सही है कि बजट के अभाव में नानेटा घाटी का कार्य बंद है। राज्य सरकार की ओर से बजट मुहैया कराते ही संवेदक द्वारा कार्य शुरू कर दिया जाएगा। बजट उपलब्ध कराने के लिए उच्चाधिकारियों को लिखा जा चुका है।
- शिवकेश मीना, सहायक अभियंता सानिवि बामनवास





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