-राजीव दवे
पाली। जिले में सबसे अधिक जल संकट का सामना करने वाले रोहट क्षेत्र में Water of the Himalayas हिलोरे मारेगा। इसके लिए जरूरत जिस Indira Gandhi Project के तीसरे चरण में Rajiv Gandhi lift canal को वित्तीय स्वीकृति मिलने की थी। उसे सीएम ने पूरा कर दिया है। इसकी प्रशासनिक स्वीकृति तो बहुत पहले ही मिल चुकी थी।
इस 1400 करोड़ रुपए की लागत के प्रोजेक्ट को 1400 करोड़ रुपए की राशि नहीं मिलने के कारण बस्तों में बंद कर दिया गया था। अब केबिनेट की बैठक में इसे हरी झण्डी मिलने से Rohat की पेयजल समस्या का समाधान हो सकेगा। हालांकि अभी तक water Department को इस प्रोजेक्ट की वित्तीय स्वीकृति मिलने की जानकारी नहीं है। इस प्रोजेक्ट के तहत रोहट कस्बे के साथ Panchayat committee के सभी 79 गांवों में जोधपुर से पानी लाया जाएगा। जवाई से रोहट की निर्भरता समाप्त हो जाएगी। रोहट में टैंकरों से जलापूर्ति करने की भी जरूरत नहीं रहेगी। चौराई क्षेत्र के मवेशी भी प्यासे नहीं रहेगे।
सीएम ने निकलवाई थी फाइल
इंदिरा गांधी नहर परियोजना का तीसरा चरण कई साल पहले बन गया था। इसके बाद प्रशासनिक स्वीकृति जारी कर दी गई। प्रोजेक्ट की लागत 1400 करोड़ रुपए आने के कारण प्रशासनिक स्वीकृति के बाद इसे रोक दिया गया था। जनवरी में सरकार के निर्देश के बाद विभाग इस प्रोजेक्ट मे संशोधन किया था। जिससे प्रस्ताव को वित्तीय स्वीकृति मिल सके। इसमें जोधपुर जिले के 600 गांवों के साथ Pali, Jaisalmer and Barmer districts के गांवों को भी शामिल किया गया था। पाली जिले के सभी 79 गांव रोहट पंचायत समिति के है।
तख्तसागर बांध से आ सकता है पानी
इस प्राजेक्ट को अनुमति मिलने के बाद पाली जिले की रोहट पंचायत समिति में पानी जोधपुर के तख्तसागर से लाया जा सकता है। जो कायलाना के पास है। इसके अलावा पानी को Jodhpur में पानी का स्टोरेज करने के लिए सुरपुर बांध का भी उपयोग किया जा सकता है। जहां से पानी को सीधे रोहट तक पाइप लाइन से लाया जा सकता है। इसके अलावा एक विकल्प कुड़ी हौद का भी है। जहां तक तख्तसागर या सुरपुर से पानी लाकर रोहट तक पाइप लाइन बिछाई जा सकती है।
अभी रोजाना चाहिए 13 से 14 एमएलडी पानी
रोहट क्षेत्र की प्यास बुझाने के लिए अभी जलदाय विभाग को रोजाना 13 से 14 एमएलडी पानी की जरूरत होती है। जो जवाई बांध से पहुंचाया जा रहा है। रोहट क्षेत्र में पाइप लाइन सुदृढ़ नहीं होने व भूजल पीने योग्य नहीं होने के कारण टैंकरों से जलापूति की जा रही है। इसके बावजूद वहां पानी को लेकर त्राहि-त्राहि मची है।
जनवरी से चल रही कवायद
इस प्रोजेक्ट की फाइलों को जनवरी में खोलने के निर्देश सीएम ने दिए थे। उन्होंने प्रोजेक्ट में संशोधन करने को भी कहा था। इसके बाद प्रोजेक्ट को लेकर कवायद शुरू कर दी गई, लेकिन इसके बाद लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगने से इस प्रोजेक्ट को पूरा नहीं किया सका। अब इसमें वित्तीय स्वीकृति जारी की गई है।
स्वीकृति मिलने से रोहट क्षेत्र को फायदा
इंदिरा गांधी नहर के तीसरे चरण का पानी जोधपुर आने पर रोहट क्षेत्र को लाभ होगा। वहां पाइप लाइन के माध्यम से पानी लाकर 79 गांवों को जलापूर्ति की जा सकेगी। -नीरज माथुर, अधीक्षण अभियंता, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, पाली





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