कोटा.
जिले के सांगोद सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में व्याप्त अव्यवस्थाएं चिकित्सा प्रभारी पर भारी पड़ गई हैं। लगातार शिकायतें मिलने पर मंगलवार को अचानक अस्पताल जा पहुंचे मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने अस्पताल प्रभार में बड़ा बदलाव कर दिया। दरअसल, आए दिन बिना स्वीकृति के चिकित्सकों के अस्पताल से नदारद रहने एवं अन्य अव्यवस्थाओं में सुधार नहीं होने पर मंगलवार को सांगोद अस्पताल पहुंचे सीएमएचओ डॉ. भूपेन्द्र तंवर ने बीते कई सालों से अस्पताल प्रभारी का जिम्मा संभाल रहे डॉ. ओपी सामर को प्रभारी पद से हटाकर उनके स्थान पर हाल ही में नियुक्त हुए चिकित्सक पुरूषोत्तम मीणा को जिम्मेदारी सौंपी है। मंगलवार को शिकायत पर सांगोद पहुंचे सीएमएचओ डॉ. तंवर ने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान यहां डॉ. पुरुषोत्तम मीना, डॉ. मनीष नामा व आयुष चिकित्सक डॉ. संजय नागर ही उपस्थित मिले। चिकित्सालय प्रभारी डॉ. ओपी सामर सहित डॉ. मथुरेश गुप्ता, डॉ. राजेश मीणा, डॉ. अरविंद गहलोत, डॉ. ममता मीणा, डॉ. विनीता बंसल बिना सक्षम स्वीकृति के मुख्यालय से नदारद थे। अस्पताल से जुड़ी कई अव्यवस्थाएं भी निरीक्षण में सामने आई। इसे गंभीरता से लेते हुए सीएमएचओ ने मौके पर ही डॉ. पुरूषोत्तम मीणा को प्रभारी बनाते हुए व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए।
आए दिन ऐसी हालत
यहां सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में 9 चिकित्सक कार्यरत हैं लेकिन आए दिन अमूमन दो-तीन या कभी कभार चार चिकित्सक ही मौजूद मिलते हैं। कई चिकित्सक बिना स्वीकृति के नदारद रहते हैं। ऐसे में मरीजों को परेशानी हो रही है तो अन्य व्यवस्थाएं भी गड़बड़ा रही हैं। सरकार की कई महत्वपूर्ण सेवाओं का लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के निरीक्षण के बाद सीएमएचओ उपस्वास्थ्य केंद्र हिंगोनिया पहुंचे। वहां उन्होंने मरीजों की सुविधाओं को लेकर चर्चा की।
प्रशासनिक अकुशलता को देखते हुए प्रभारी बदले
मामले में सीएमएचओ डॉ. भूपेन्द्र तंवर सीएमएचओ ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में अव्यवस्थाओं की आए दिन शिकायतें सामने आ रही हैं। खासकर चिकित्सकों के बिना स्वीकृति मुख्यालय पर नहीं रहने से मरीजों को परेशानी की शिकायतें आ रही थी। निरीक्षण के दौरान भी 9 में से 3 ही चिकित्सक मौजूद मिले। प्रशासनिक अकुशलता को देखते हुए प्रभारी बदले गए है।





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