जैसलमेर. जिले के फतेहगढ़ उपखंड कार्यालय में कार्यरत कनिष्ठ सहायक हरप्रीत सिंह को सवा करोड़ रुपए से अधिक राशि के चैकों पर पूर्व एसडीएम सुमन सोनल के फर्जी दस्तखत करने के मामले में प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए जिला कलक्टर नमित मेहता ने निलम्बित कर दिया है। साथ ही हरप्रीत सिंह के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करवाने के निर्देश दिए गए हैं। गौरतलब है कि यह सनसनीखेज मामला राजस्थान पत्रिका ने सबसे पहले प्रमुखता से उजागर किया था। इस प्रकरण में जिला कलक्टर के निर्देशानुसार फतेहगढ़ के उपखंड अधिकारी ने उन्हें विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपी। जिस पर कार्रवाई करते हुए कलक्टर मेहता ने हरप्रीतसिंह को निलम्बित कर दिया। इस दौरान उसका मुख्यालय उपतहसील, रामगढ़ रहेगा। गौरतलब है कि कनिष्ठ सहायक हरप्रीतसिंह ने फतेहगढ़ की पूर्व एसडीएम के फर्जी दस्तखत कर कोटक महिन्द्रा बैंक, बाड़मेर शाखा के खाते के सवा करोड़ से अधिक राशि के चैक ग्राम पंचायत फतेहगढ़ और देवीकोट के सरपंचों के नाम काटे थे। यह मामला सबसे पहले राजस्थान पत्रिका ने उजागर किया था।
पुलिस जांच में सामने आएगा पूरा सच
जानकारी के अनुसार इस मामले में पहली नजर में जिम्मेदार नजर आ रहे कनिष्ठ सहायक को निलम्बित करने के साथ उसके खिलाफ पुलिस में एफआइआर दर्ज करवाई जाएगी। पुलिस की जांच में यह खुलासा हो सकेगा कि चैकों पर फर्जी दस्तखत करने के साथ सवा करोड़ से अधिक राशि के गबन की नीयत से कूटरचित कागजात तैयार करवाने के मामले में हरप्रीतसिंह अकेला लिप्त है अथवा कोई अन्य कार्मिक या संबंधित ग्राम पंचायतों से जुड़े लोग भी इसमें शामिल रहे। आने वाले दिनों में पुलिस संबंधित कार्मिक से आवश्यक पूछताछ करेगी।
पूरे उपखंड कार्यालय की भी होगी जांच
इधर जिला कलक्टर नमित मेहता ने इस मामले में जांच का दायरा बढ़ाते हुए फतेहगढ़ उपखंड कार्यालय के कामकाज की जांच-पड़ताल करवाने का निर्णय लिया है। उन्होंने अतिरिक्त जिला कलक्टर की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया है, जो उपखंड कार्यालय के समस्त महत्वपूर्ण कागजातों के साथ सभी शाखाओं के कामकाज की जांच करेगी। जिससे यह पता चल सके कि, कार्यालय स्तर पर कोई अन्य गड़बड़ी तो नहीं की गई है।
यह था मामला
गौरतलब है कि फतेहगढ़ उपखंड कार्यालय में कार्यरत कनिष्ठ सहायक हरप्रीतसिंह ने पूर्व एसडीएम सुमन सोनल के फर्जी दस्तखत कर फतेहगढ़ और देवीकोट पंचायत क्षेत्रों में एनएचआइए के सडक़ निर्माण कार्यों के सिलसिले में इन दोनों पंचायतों के नाम पर सवा करोड़ रुपए से अधिक राशि के चैक काट दिए। चैक के साथ अनुमोदन पत्र नहीं होने की वजह से चैक बाउंस हो गए और इसकी जानकारी उपखंड अधिकारी को मिली। जब पूर्व एसडीएम सोनल से इस संबंध में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि उनकी ओर से किसी चैक पर दस्तखत नहीं किए गए थे। तब जाकर मामले का खुलासा हुआ। कनिष्ठ सहायक हरप्रीतसिंह मामले के उजागर होने के बाद से छुट्टी पर बताया जाता है।
प्रत्येक पहलू की होगी जांच
फतेहगढ़ उपखंड कार्यालय में पूर्व एसडीएम के फर्जी दस्तखत कर चैक काटे जाने के मामले में प्रत्येक पहलू की जांच करवाई जाएगी। इसके साथ ही पूरे कार्यालय में और कहीं अनियमितताएं या भ्रष्टाचार नहीं किया गया है, इसकी भी जांच करवाई जाएगी।
- नमित मेहता, जिला कलक्टर, जैसलमेर





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