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बाल विवाह मानव अधिकार का उल्लंघन

गंगापुरसिटी . जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर शुक्रवार को पंचायत समिति सभागार में तालुका विधिक सेवा समिति अध्यक्ष व एडीजे रेखा चौधरी के निर्देशन में बाल विवाह जन उपयोगी सेवाओं से सम्बन्धित विधिक जागरूकता शिविर लगाया गया। इस मौके पर सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्टे्रट पलाश मीना ने कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा कि बाल विवाह निषेध अधिनियम २००६ बाल विवाह प्रथा को मानव अधिकार का उल्लंघन मानता है। देश में बाल विवाह लम्बे समय से मुद्दा रहा है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह के कई नुकसान है।

बच्चा शिक्षा, परिवार और दोस्तों से अलगाव के साथ जल्द गर्भावस्था, स्वास्थ्य जोखिम सहित शिशु मृत्यु दर, कम बजन वाले शिशुओं का जन्म आदि समस्याएं आती हैं। बाल विवाह दंडनीय अपराध है। दो वर्ष का कठोर कारावास या एक लाख रुपए जुर्माना अथवा दोने से दंडित किया जा सकता है। न्यायिक मजिस्ट्रेट सुमन मीना ने बाल विवाह से सम्बन्धित शिकायतों के निवारण के बारे में जानकारी दी। इस दौरान महिला एवं बाल विकास अधिकारी जगदीश प्रसाद सहित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आदि मौजूद थी।


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बामनवास . स्थानीय तालुका विधिक सेवा समिति के तत्वावधान में शुक्रवार को उपखण्ड मुख्यालय पर बाल विवाह निषेध रैली का आयोजन किया गया। राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय पट्टीकलां परिसर में समिति अध्यक्ष मनमोहन चंदेल ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।


उन्होंने कहा कि बाल विवाह हमारे देश में एक सामाजिक बुराई है। इस प्रथा का प्रचलन अधिकतर गांवों में तथा पिछड़े वर्ग में पाया जाता है। बाल विवाह से बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होता है। संविधान के तहत इसे अपराध माना गया है। इस बुराई को रोकने के लिए सामाजिक स्तर पर सभी लोगों के प्रयास की आवश्यकता है। जिस तरह हमारे देश में दहेज हत्या, कन्या भू्रण हत्या समाज में डेरा जमाए हुए हैं।

ठीक उसी तरह बाल विवाह की बुराई भी हमारे देश में टिकी हुई है। इसे रोकने के लिए वर्ष २००६ में बाल विवाह निषेध अधिनियम लाया गया, जिसे एक नवम्बर २००७ को लागू किया गया। इस अधिनियम का उद्देश्य बाल विवाह को रोकना नहीं, बल्कि उसे पूरी तरह से समाप्त करना था। रैली के शुभारम्भ अवसर पर अभिभाषक संघ के सदस्य, कोर्ट स्टाफ, स्कूलों के प्रतिनिधि, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं स्कूली छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। रैली कस्बे के विभिन्न मार्गो से गुजरी। रैली में शामिल विद्यार्थियों द्वारा लोगों को बाल विवाह की रोकथाम का संदेश दिया गया।



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