जयपुर। प्रदेश में सरकार बदलने के बाद अब पाठ्यक्रम बदलाव का सिलसिला जारी है। नई सरकार ने आठवीं कक्षा की अंग्रेजी की किताब में बदलाव किया गया है। जिसमें रानी के साथ अन्य वीरांगनाओं के साथ जौहर ( Rani Padmavati Johar ) करने चित्र को किताबों से हटा दिया है। अब इस चित्र की जगह किताबों में दूर्ग का फोटो दिखाई देगा। हालांकि संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती ( sanjay lila bhansali film padmvati ) को लेकर काफी विवाद हुआ था। जिसके बाद तत्कालीन भाजपा सरकार ने कई राज्यों में पद्मावती की कहानी को पढ़ाने का निर्णय लिया था। लेकिन अब शिक्षा विभाग ने इसे हटा दिया है। मामले को लेकर शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ( MLA govind singh dotasra ) का कहना है कि यह पाठयक्रम कानून के विरूद्ध जाकर पढ़ाया जा रहा था। सत्ती प्रथा ( Sati Pratha ) कानून के खिलाफ है। अब बच्चे ऐसी गलत परम्परा को नहीं पढ़े इसलिए इसे हटाया गया है।
उधर, राजस्थान में 'अकबर' ( Akbar ) के बाद अब 'सावरकर' ( Vinayak Damodar Savarkar ) को लेकर Ashok Gehlot सरकार और BJP के बीच विवाद गहरा गया है। स्कूली पाठ्यक्रम में सावरकर के पाठ में बदलाव के बाद दोनों पक्ष अपनी-अपनी दलीलों के साथ आमने-सामने हो गए हैं। नेताओं के बीच बयानबाज़ियों का सिलसिला परवान चढ़ने लगा है। कांग्रेस जहां इस बदलाव को सही बता रही है। वहीं भाजपा, इस बदलाव को हिंदुत्व से जुड़े क्रांतिकारियों का अपमान बता रही है।
शिक्षाविदें के पास बदलाव के प्रमाण मौजूद
शिक्षा राज्यमंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि पिछली सरकार ने पाठ्यक्रम में इस प्रकार का बदलाव किया। आजादी के समय में जिनका कोई योगदान कम था, वीर सावरकर जैसे लोगों को महिमामंडि़त कर दिखाया गया। समीक्षा की। बड़े ही ठोस आधारों पर वर्णन किया। जिन शिक्षाविदें ने यह पाठ लिखा है, उसके प्रमाण-साक्ष्य शिक्षाविदें के पास मौजूद हैं। उन्होंने सोच-समझकर ही लिखा है। इसीलिए यह कहना कि हमने सावरकर का अपमान किया, यह सरासर गलत है। आरएएस ने अपनी सोच के अनुसार पाठ्यक्रम में बदलाव किया था। शिक्षा में बच्चों को जो पढ़ाया जाए, जो सही हो वही पढ़ाया जाए।
हिंदुत्व विरोधी मानसिकता
पूर्व शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि कांग्रेस हिंदुत्व विरोधी मानसिकता की पार्टी है। ऐसे राष्ट्रभक्त की उपेक्षा करती है, जो हिंदुत्व से जुड़े रहे हैं। अब पाठ्यक्रम में बदलाव कर वीर सावरकर के बारे में अनर्गल इतिहास पढ़ा रही है। यह कार्य निंदनीय व अशोभनीय है। वीर सावरकर को दो बार आजीवन कारावास मिला वे अंग्रेजों से लड़ते रहे। उनके पाठ को सही प्रकार से बच्चों को पढ़ाया जाना चाहिए।





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