चित्तौडग़ढ़. जिले के बेगंू विधानसभा के एक साहसी पर्वतारोही ने हिमालय की १३ हजार ८०० फिट उंची सार पास चोटी पर राष्ट्रध्वज तिरंगा फहरा कर क्षेत्र का नाम रोशन किया। यूथ हॉस्टल एसोसिएशन ऑफ इंडिया की ओर से सार पास टे्रक अभियान किया गया। इस अभियान में देश के ९२ पर्वतारोहियों ने भाग लिया। इसमे राजस्थान से जिले के रावतभाटा निवासी एसके रावल ने भाग लिया। पर्वतारोहियों का दल ५मई को हिमाचल प्रदेश के आधार शिविर स्थल कसोल पहुचां। यहा इस दल को २ दिन पर्वतारोहण के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया। यह दल १० मई को ११२०० फीट पर स्थित मिल्था चोटी पर पहुंचा।
यहां मौसम खराब होने पर ९२ पर्वतारोहियों ने वापस लौटन का निर्णय तो लिया लेकिन १० पर्वतारोही सारपास चोटी पर जाने के निर्णय पर अडिग रहे। आयोजक कमेटी के पर्वतारोहण कार्यक्रम निरस्त करने के बाद भी रावल सहित १० पर्वतारोही सारपास चोटी पर जाने के निर्णय पर अडिग रहे। ऐसे में कैंप लीडर को स्वयं की जोखिम पर आगे बढऩे का अंडरटेकिंग दिया तब आगे बढने की स्वीकृति दी गई। वहां से ८२ सदस्यो का दल लौट गया लेकिन रावल सहित १० सदस्यीय दल ११ मई को ४ घंटे की यात्रा को २ घंटे में पूरा कर 12 हजार ५०० फीट ऊंची पहाडी नागारू पहुंचे। इस दल ने 12मई को सारपास पहाडी पर चढाई शुरू की और सुबह 10बजे 13 हजार 8 00 फीट की ऊंचाई पर स्थित सारपास चोटी पर पहुंच गया। सभी सदस्यों ने प्रसन्नता के साथ राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया। यह दल 14 मई को वापस शिविर स्थल रसोल पहुंचा। इस दल का फिल्ड डायरेक्टर अमर्शी जाकरिया ने स्वागत किया। अभियान समाप्त कर एसके रावल शुक्रवार को रावतभाटा पहुंचेगें। रावल ने बताया कि यह पर्वतारोहण कार्यक्रम पूर्णतया निजी होकर स्वयं के खर्चे पर आयोजित किया गया।





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