गंगापुरसिटी . भीषण गर्मी के मौसम में लोगों के कंठ तर करने के लिए हर बार जलदाय विभाग की ओर से चलाए जाने वाले पानी के टैंकर इस बार आधा मई माह बीतने के बाद भी नहीं चल सके हैं। ऐसे में शहरवासी पानी खरीदकर अपने कंठ तर कर रहे हैं। कई कॉलोनियों में पेयजल समस्या विकराल रूप ले चुकी है, लेकिन विभागीय खामोशी टूटने का नाम नहीं ले रही है। विभाग लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के चलते ऑर्डर नहीं होने की बात कह रहा है।
शहर में कुछेक जगह चम्बल का पानी मिलने लगा है, लेकिन वह जरूरत के मुताबिक अभी कम है। साथ ही विभाग की ओर से टंकियां बनाने और पेयजल लाइन डालने का काम चल रहा है। यह कवायद संभवतया अगले गर्मी के सीजन तक पूरी हो सकेगी, लेकिन इस सीजन में लोगों को बरसों पुरानी परेशानी से जूझना पड़ रहा है। गर्मी का सीजन शुरू होते ही विभागीय स्तर पर शहर में जरूरत के लिहाज से पानी के टैंकर पहुंचाए जाते थे, लेकिन इस बार मई माह आधा बीतने के बाद भी टैंकर शुरू नहीं हो सके हैं।
गर्मियों की शुरुआत में विभाग सर्वे कराने की बात कहता रहा, लेकिन अब लोकसभा चुनाव की आचार संहिता की अड़चन के चलते टैंकर नहीं चल पा रहे हैं। इसका खामियाजा लोगों को पेयजल किल्लत के रूप में भुगतना पड़ रहा है। पिछले साल की बात करें तो शहर में करीब डेढ़ सौ से पौने दौ सौ टैंकर चलाकर पानी की आपूर्ति की गई थी। इस बार कुछ इलाकों में चम्बल जल पहुंचा है, लेकिन फिर भी कई बस्तियां अब भी पानी की पूर्ति के लिए टैंकरों पर निर्भर हैं। अब भी शहर की कई कॉलोनियों में लोग निजी स्तर पर टैंकर मंगाकर अपनी प्यास बुझा रहे हैं, लेकिन विभाग इनकी अनदेखी करता नजर आ रहा है।
इनका कहना है
शहर में डिमांड के हिसाब से टैंकर भेजते हैं। फिलहाल आचार संहिता के कारण टैंकरों के आदेश नहीं हो सके हैं। आदेश मिलते ही शहर में पेयजल के लिए टैंकर भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
- डी.एल. सैनी, एईएन जलदाय विभाग गंगापुरसिटी





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