झुंझुनंू. जिले के बुहाना क्षेत्र के भिर्र गांव की मीना ने जहर खाकर जान दे दी। पढ़ी लिखी और प्राइवेट जॉब करने वाली शादीशुदा मीना ने आखिर झुंझुनूं में महिला थाने में आकर जहर क्यों खाया? हर किसी के जेहन में यह बड़ा सवाल है। उसने अपने पति व अन्य को मौत का जिम्मेदार माना है, साथ ही यह भी आरोप है कि पुलिस भी उसकी मदद नहीं कर रही थी। पुलिस मीना की मदद क्यों नहीं कर रही थी?
कौनसा राज छिपा है 12 पन्नों में
झुंझुनूं. महिला थाने के सामने जहर खाकर जान देने वाली महिला मीना की मौत का खुलासा 12 पेज का सुसाइड नोट करेगा। सीओ ग्रामीण नीलकमल के निर्देशानुसार बुहाना व कोतवाली पुलिसकर्मी मंगलवार को पीहर भिर्र पहुंचे।सोमवार को पर्स की तलाशी के दौरान नोट में 12 पेजों के अन्य नोट लिखे होने की जानकारी पर बुहाना पुलिस मृतका के घर पहुंची थी।लेकिन परिजनों के झुंझुनूं होने पर वापस लौट आई।
परिजनों ने बताया कि मृतका मीना ससुराल पक्ष के लोगों से काफी परेशान थी, उसने महिला थाना दक्षिण जयपुर में पति रामकिशन के खिलाफ मारपीट, तंग करने व दहेज के लिए प्रताडि़त करने का मामला दर्ज कराया था।उस वक्त मीना अपनी बहन के साथ जयपुर में अलग रहती थी। लेकिन पुलिस ने मामला जयपुर के बजाए बुहाना से जुड़ा होने पर एफआर लगा दी थी। इस पर विवाहिता ने कोर्ट में दावा किया था। पीडि़ता के वकील चंद्रप्रकाश खेतानी ने बताया कि पिछले दिनों विवाहिता के पति ने उसे व उसके माता-पिता को फोन पर गालियां दी। इसकी शिकायत उसने कमिश्नर जयपुर तथा झुंझुनूं एसपी से की थी।परिजनों ने बताया कि झुंझुनूं के महिला सुरक्षा व सलाह केन्द्र में समझौता होने पर दोनों विश्वकर्मा इलाके में रहने लगे थे।लेकिन पति रामकिशन की आदतें नहीं सुधरी।पति के आए दिन मारपीट करने से परेशान होकर उसने न्यायालय से पाबंद कराया था।बाद में महिला थाने में मामला दर्ज कराया था।
कौन थी मीना
पीहर- भिर्र
ससुराल- कुहाड़वास
खुद पढ़ी लिखी
उम्र 28 वर्ष
शाी-करीब चार साल पहले
फांसी पर लटकाना
जहर खाने से पहले मीना ने दो पन्नों के सुसाइड नोट में पति सहित आठ जनों को मौत के लिए जिम्मेदार बताया। सुसाइड नोट में सभी को रिमांड के बाद फांसी देने की बात कही है। साथ ही मौत के बाद उसके भिर्र निवासी माता-पिता सहित पीहर पक्ष के किसी भी व्यक्ति को परेशान नहीं करना लिखा है। सुसाइट नोट में पुलिस पर भी मामले में सहयोग नहीं करने की बात लिखी गई है।
तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ी मीना
मीना तीन भाई बहनों में सबसे बड़ी थी, सबसे छोटी बहन की शादी भी कुछ दिनों पहले हुई थी। पिता फौज में सूबेदार थे जो वर्ष 2014 में सेवानिवृत्त हो चुके हैं। मझला भाई गुडग़ांव स्थित कम्पनी में कार्यरत है। दामाद कई बार कार को दुर्घटना कर चुका था। ऐसे में दामाद की आदतों से परेशान रहा करते थे। विवाहिता के कोई संतान नहीं है।





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