थानागाजी गैंगरेप मामले में पीडि़त परिवार से मिलने आए कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की सुरक्षा में बड़ी चूक रही। स्थानीय पुलिस और इंटेलीजेंस विफलता के चलते कई लोग राहुल गांधी का विरोध करने पीडि़ता के गांव तक पहुंच गए और विरोध भी जताया। राहुल गांधी के दौरे के लिए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे।
अलवर और जयपुर से थानागाजी आने वाले मार्ग पर जगह-जगह पुलिस बल तैनात किया गया। हैलीपेड से लेकर पीडि़ता के घर तक पुलिस, आरएसी और एसटीएफ के जवान तैनात थे। सुरक्षा इंतजामों की निगरानी के लिए जयपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक एस सेंगाथिर, जिला पुलिस अधीक्षक देखमुख परिस अनिल सहित कई एएसपी, डीएसपी, पुलिस निरीक्षक व उपनिरीक्षकों को लगाया गया। पुलिस के अधिकारी और जवान जगह-जगह गाडिय़ां रोककर चैक कर रहे थे, इसके बावजूद सुरक्षा में चूक नजर आई। राहुल गांधी का विरोध करने एक संगठन के कार्यकर्ता पीडि़ता के गांव पहुंच गए। उन्होंने वहां नारे लगाते हुए राहुल गांधी का विरोध किया। इसके अलावा सामान्य लोग भी हैलीपेड और पीडि़ता के घर के आसपास घूमते रहे।
भाजपाइयों को नटनी का बारां में रोका
राहुल गांधी का विरोध करने अलवर से भाजपा जिलाध्यक्ष संजय नरुका व भाजयुमो जिलाध्यक्ष पं. जलेसिंह सहित कई कार्यकर्ता थानागाजी रवाना हुए। इनकी राहुल गांधी को काले झंडे दिखाने योजना थी लेकिन पुलिस ने उन्हें नटनी का बारां के पास रोक लिया।





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