इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर शाहिद अफरीदी इन दिनों अपनी बायोग्राफी गेम चेंजर को लेकर सुर्खियों में हैं। उनकी आत्मकथा से एक और सनसनीखेज खुलासा हुआ है। दरअसल, अफरीदी ने अपनी आत्मकथा में कहा है कि वो कभी भी अपनी बेटियों को आउटडोर गेम खेलने की इजाजत नहीं देना चाहते हैं। शाहिद अफरीदी ने कहा है कि अगर बेटियां इंडोर स्पोर्ट्स में हिस्सा लेना चाहती हैं तो वो स्वतंत्र हैं, लेकिन मैं उन्हें बाहर खेलने की अनुमति नहीं दूंगा।
आउटडोर गेम्स नहीं खेलने देंगे अफरीदी
शाहिद अफरीदी ने बताया है कि उनके इस फैसले की वजह उनका मजहब है। सामाजिक और धार्मिक कारणों से वो अपनी बेटियों को बाहर खेलने नहीं भेजेंगे। अफरीदी ये भी कहते हैं मेरे इस फैसले को लेकर भले ही नारीवादी लोग मुझपर निशाना साधें, इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। अफरीदी ने अपनी आत्मकथा गेम चेंजर में लिखा है कि वह सामाजिक और धार्मिक कारणों से अपनी चारों बेटियों (अंशा, अजवा, असमारा और अक्सा) को बाहर जाकर खेलने की इजाजत नहीं देते।
क्रिकेट के नहीं मिलेगी अनुमति
एक अंग्रेजी अखबार ने अफरीदी की आत्मकथा के हवाले से बताया कि उनकी बेटियां खेल में अच्छी हैं, लेकिन उन्हें केवल इंडोर खेल की अनुमति है। उन्होंने कहा कि अजवा और असमारा सबसे छोटी हैं और ड्रेसअप खेलना बहुत पसंद है। जब तक वो घर में हैं, तब तक मेरी तरफ से उन्हें हर खेल खेलने की अनुमति है। क्रिकेट? नहीं, मेरी बेटियों के लिए नहीं। उन्हें सभी इंडोर खेल खेलने की अनुमति है, लेकिन मेरी बेटियां सार्वजनिक खेल गतिविधियों में भाग नहीं लेने वाली हैं।
अफरीदी की आत्मकथा है सुर्खियों में
आपको बता दें कि अफरीदी की आत्मकथा पहले से ही सुर्खियां बटोर रही है। उन्होंने अपनी आत्मकथा में कश्मीर का भी जिक्र किया है। इसके अलावा उम्र का राज खोलने, अन्य पाकिस्तानी क्रिकेट खिलाड़ियों की आलोचना या 2010 के स्पॉट फिक्सिंग कांड का भी अपनी आत्मकथा में जिक्र किया है।





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