भीलवाड़ा।
अस्सी हजार रुपए की घूस लेते धरे गए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या एक के अपर लोक अभियोजक (एपीपी) श्यामलाल गुर्जर को शुक्रवार को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। गुर्जर को राजसंमद एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश चौधरी ने दोपहर में एसीबी न्यायालय में पेश किया था। इधर, गुर्जर के घूस लेने के आरोप में गिरफ्तार किए जाने के बाद गुरुवार देर रात एसीबी निरीक्षक शिव प्रकाश टेलर की अगुवाई में टीम ने फागणो का खेड़ा स्थित गुर्जर के आवास की तलाश ली। यहां एक लग्जरी जीप व ट्रैक्टर ट्रोली मिली, जो कि गुर्जर के नाम थी। जबकि मकान से किसी प्रकार की नकदी या जेवर नहीं मिले। ट्रेप की कार्रवाई के दौरान एसीबी ने गुरुवार शाम को 80 हजार की नकदी के साथ ही एक अन्य लग्जरी कार को जब्त किया था।
ये था मामला
मंगरोप थाना क्षेत्र के फागणो का खेड़ा निवासी रतनलाल गुर्जर ने राजसमंद एसीबी को 19 मई को शिकायत की थी, उसने बताया कि पीथास में उसने जमीन खरीदी। जमीन की वसीयत उसके नाम हो गई, जबकि नामांतरण उसके पक्ष में नहीं हो पाया। उसने कोटड़ी एसडीएम कोर्ट में अपील की। इसके लिए एपीपी श्याम लाल से सम्पर्क किया। अपील उसके पक्ष में करवाने के लिए अस्सी हजार मांगे। एसीबी ने 20 मई को शिकायत का सत्यापन करवाया। एसीबी ने परिवादी रतनलाल से एपीपी को फोन करवाया। एपीपी ने राशि लेकर उसे 23 मई की शाम को भीलवाड़ा रोडवेज बस स्टैण्ड के बाहर बुलाया। एपीपी लग्जरी कार लेकर पहुंचा। उसने रिश्वत की राशि लेकर डेस्क बोर्ड में रख ली। इसी दौरान एसीबी टीम ने एपीपी को गिरफ्तार कर लिया। नामांतरण की समूची कार्यवाही कोटड़ी एसडीएम कोर्ट से जुड़ी हुई थी।





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