बामनवास . डूंगरपट्टी (कोचर) इलाके में भूख-प्यास से दम तोडऩे लगे गोवंश की मदद के लिए भले ही प्रशासनिक स्तर अभी कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं, लेकिन मीडिया में आई खबरों के बाद गोवंश की मदद के लिए कई भामाशाह तथा गौशाला संचालक आगे आए हैं, जिससे फिलहाल गोवंश के लिए भूख मिटाने को चारा उपलब्ध हो सका है।
स्थानीय निवासी रामकेश पोसवाल के अनुसार श्रीराधाकृष्ण गौशाला सवाईमाधोपुर एवं भामाशाह महेश चपराना की ओर से गोवंश के लिए चारा मंगवाकर उसे डलवाया गया। इस पहाड़ पर सवाईमाधोपुर के साथ दौसा तथा करौली जिले का भी इलाका आता है। पूरे पहाड़ी क्षेत्र में हजारों गोवंश विचरण करता है। भामाशाहों की ओर से निमाज, कोचर, सूरका, पाडाकरण, श्यामेड़ा, केड़क्या, नंदा का डेरा सहित विभिन्न स्थानों पर अलग-अलग ढेर के रूप में चारा डलवाया गया। ताकि अधिकाधिक गोवंश की भूख मिटाई जा सके।
पानी की व्यवस्था भी टैंकरों के माध्यम से की जा रही है। ऐसी स्थिति में फिलहाल तो गोवंश को भूख प्यास मिटाने की कुछ व्यवस्था हो सकी है, लेकिन यह व्यवस्था नाकाफी है। गोवंश की संख्या के अनुपात में बड़े स्तर पर चारे पानी की व्यवस्था किए जाने की आवश्यकता है, जो कि सरकारी सहायता के बिना संभव नहीं है। स्थानीय नागरिकों ने इस संबंध में राज्य सरकार के प्रतिनिधियों से भी गुहार लगाई है।





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