भीलवाड़ा।
शहर के व्यावसायिक कॉम्पलेक्स में चल रहे कई कोचिंग संस्थानों में पढऩे वाले बच्चे सुरक्षित नहीं हैं। यहां न तो आग बुझाने के पर्याप्त संसाधन हैं और न ही आपातकालीन निकासी का रास्ता। इसके अलावा व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी असुरक्षित हैं। सूरत दुखांतिका के बाद राजस्थान पत्रिका ने 25 मई को 'शहर में छतों पर चल रहे रेस्टोरेंट, कोचिंग संस्थानÓ व 26 मई को 'नहीं चलते कानून के नक्शे कदम परÓ समाचार प्रकाशित कर इस तथ्य को उजागर किया था। इस पर नगर परिषद की दमकल शाखा ने गंभीरता दिखाई।
सहायक अग्निशमन अधिकारी छोटूराम ने व्यावसायिक कॉम्पलेक्स में संचालित कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा प्रबंधों की जांच के लिए विशेष टीम गठित की। टीम ने कोतवाली के निकट स्थित सिटी मॉल में मॉकड्रिल किया। टीम ने सोमवार को सिंधु नगर व नागौरी गार्डन स्थित व्यावसायिक कॉम्पलेक्स में संचालित पांच कोचिंग संस्थानों में भी जांच की।
15 दिन में करें सुरक्षा प्रबंधपहले दिन की जांच में पांच कोचिंग संस्थानों में आग लगने की स्थिति में हालात से निपटने के पुख्ता बंदोबस्त नहीं मिली और न ही आपातकालीन स्थिति में तीन मंजिला इमारतों से निकासी का सुरक्षित रास्ता मिला। सहायक अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि पांचों संस्थानों संचालक को नोटिस थमाते हुए 15 दिन में व्यवस्थाएं सुधारने को कहा गया है। कोचिंग संस्थान के विद्यार्थियों को टीम ने आग लगने पर बरती जाने वाली सावधानियां व सुरक्षित बाहर निकलने के तरीके बताए गए।





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