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बाड़मेर. प्रदेश के सरकारी विद्यालयों के आगामी शिक्षा सत्र में बदलाव किया गया है। इसके चलते सभी विद्यालय 1 जुलाई से खुलेंगे। शीतकालीन अवकाश भी पूर्व की तरह 25 दिसम्बर से होगा। वहीं सत्र का समापन भी 16 मई को होगा। राज्य सरकार ने आदेश जारी कर वर्ष 2019-20 के शिक्षा सत्र के शिविरा पंचांग का अनुमोदन करते हुए कुछ संशोधन किए हैं।
पूर्व में शिक्षण सत्र 19 जून से आरम्भ होता था और 9 मई तक चलता था। 10 मई से 18 जून तक ग्रीष्मावकाश रहता था। इसमें अब संशोधन किया गया है। अब शिक्षा सत्र 1 जुलाई 2019 से आरम्भ होगा और 16 मई 2020 तक चलेगा। विद्यालय में शिक्षण कार्य 1 जुलाई से ही आरम्भ होगा। वहीं शीतकालीन अवकाश में भी बदलाव किया गया है। पहले शीतकालीन अवकाश 25 दिसम्बर से 7 जनवरी तक था, अब 25 दिसम्बर से 31 दिसम्बर 2019 तक रहेगा।
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सत्रारम्भ की पूर्व तैयारी 24 जून से
विद्यालय में सत्रारम्भ को लेकर पूर्व तैयारी 24 जून 2019 से शुरू होगी। इस दौरान प्रधानाध्यापक, प्रधानाचार्य, शिक्षक व अन्य स्टाफ विद्यालय में उपस्थित रहेगा। 24 जून से ही प्रवेश प्रक्रिया आरम्भ होगी तथा टीसी भी दी जाएगी।
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2012-13 के बाद हुआ था संशोधन
प्रदेश में शिविरा पंचाग में संशोधन 2012-13 के बाद किया गया था। उस दौरान ग्रीष्मावकाश व शीतकालीन छुट्टियों की तिथियों में संशोधन हुआ था। 21 जून को विद्यालयों में योग दिवस मनाने के साथ विद्यालय आरम्भ होते थे।
गौरतलब है कि प्रदेश के सरकारी व गैर सरकारी विद्यालयों में परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद ग्रीष्मकालीन अवकाश हो चुका है। पूर्ववर्ती सरकार ने ग्रीष्मकालीन व शीतकालीन अवकाश में संशोधन किया था। अब वर्तमान सरकार ने इसमें पुन: संशोधन किया है।
निर्णय सराहनीय
सरकार ने शिविरा पंचाग में संशोधन किया है, वह सराहनीय है। इससे शिक्षण सत्र दो भागों में विभक्त नहीं होगा। इससे शिक्षक व विद्यार्थियों को फायदा मिलेगा।- शेरसिंह भूरटिया, शिक्षक नेता
सरकार ने शिविरा पंचाग में संशोधन किया है, वह सराहनीय है। इससे शिक्षक व विद्यार्थियों को फायदा मिलेगा।
नूतनपुरी गोस्वामी, जिलाध्यक्ष राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ





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