बुरहानपुर. रमजान के दौरान खजूर का जिक्र न हो तो ऐसा हो नहीं सकता। खजूर का रमजान में विशेष महत्व होता है। इसलिए मार्केट में खजूर की खासी आवक हो गई है। लगभग 50 तरह के खजूर बाजार में उपलब्ध है, जिसकी कीमत 80 रुपए से लेकर 2400 रुपए किलो तक के हैं। यह खूजर भी भारत के नहीं बल्कि मक्का मदिना, ईरान, इराक, सउदी अरब और इंडोनेशिया से आ रहा है। शहर में रमजान के मौके पर खास कर बाहर से आया खजूर यहां कई लोगों की पहली पसंद बन गया है। कीमीया खजूर की डिमांड सबसे अधिक है, जिसकी कीमत 280 रुपए किलो तक है। इन सब में ईरानी खजूर की भी खासी डिमांडहै। दुकानदार सादिक बागवान बताते हैं कि महंगी खजूर का टेस्ट बहुत अलग होता है। लोग अब अच्छा खाना पसंद करने लगे हैं। ये खजूर अब तक मदीना के अमीर लोगों की पसंद बनी थी। लेकिन अब अन्य देशों में भी इसकी डिमांड बढ़ गई है।
इसलिए खजूर की मांग
रमजान में सहरी और इफ्तार के समय खजूर खाना बेहद फायदेमंद माना जाता है। खजूर में मौजूद अमीनो एसिड, ग्लूकोज, फॉसफोरस, मिनरल, आयरन, कैल्शियम की भरपूर मात्रा से शरीर को कई तरह के फायदे मिलते हैं। इसलिए रोजेदार को खजूर का सेवन अवश्य करना चाहिए।





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