भीलवाड़ा की रायला थाना पुलिस ने किया डिटेन
-रायला पहुंची गंगरार पुलिस
चित्तौडग़ढ़. खुद के अपहरण की झूठी सूचना देकर पुलिस को मशक्कत करवाने व परिजनों को परेशानी में डालने वाले गोवलिया (गंगरार) गांव के युवक किशन गुर्जर को भीलवाड़ा जिले की रायला पुलिस ने वहां सरेरी चौराहे पर अपने पुराने साथियों के साथ गपशप करते हुए को डिटेन कर लिया। उसे लाने के लिए गंगरार थाना पुलिस रायला पहुंच गई है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखदेव जांगिड़ ने बताया कि गोवलिया निवासी देवबक्ष पुत्र नारायण गुर्जर ने गंगरार थाने में रिपोर्ट दी थी कि उसके बड़े पिता का लड़का किशन गुर्जर (३५) रविवार को पिता मोतीलाल गुर्जर को विवाह कार्यक्रम में शरीक होने के लिए त्रेष्टा गांव छोडऩे गया था। इसके बाद बाइक पर गांव लौट रहा था, तभी सोनियाना के निकट वैन में सवार होकर आए अज्ञात लोग मारपीट कर उसका अपहरण कर ले गए। किशन का मोबाइल, कपड़े, चप्पल और गमछा पड़ा हुआ मिला था। गमछे पर खून के धब्बे लगे होने से मामले को गंभीर मान पुलिस उसकी तलाश में जुट गई। डॉग स्क्वायड तक को मौके पर बुला ली गई। पड़ताल में पता चला कि भीलवाड़ा जिले के सरेरी निवासी श्यामसुंदर के मोबाइल में अपनी सिम डालकर किशन गुर्जर ने परिजनों को फोन करके खुद के अपहरण की झूठी सूचना दी थी। पुलिस ने तकनीकी आधार पर जांच के बाद श्यामसुंदर को पूछताछ के लिए डिटेन कर लिया। उसने बताया कि किशन का अपहरण नहीं हुआ। वह उसे सरेरी में ही मिला और उसके मोबाइल में सिम डालकर बात भी की। इसके बाद हरकत में आई रायला थाना पुलिस ने सरेरी चौराहे के आसपास सीसीटीवी कैमरों में फुटेज खंगाले तो किशन फुटेज में चाय-नाश्ता करता हुआ और पुराने साथियों के साथ गपशप करता दिखा। रायला थाना प्रभारी सुगन चौधरी ने बताया कि किशन पहले वहां एक मिल में काम करता था। साथ काम कर चुके दोस्तों के साथ फुटेज में नजर आने पर पुलिस जाल बिछाया और सरेरी चौराहा क्षेत्र से ही उसे डिटेन कर लिया।
अब पूछताछ में सामने आएगी असली कहानी
किशन से पूछताछ के बाद ही अपहरण की झूठी कहानी गढने के पीछे छिपे राज का खुलासा हो पाएगा। किशन की मोटरसाइकिल कहां है। गमछे पर खून के धब्बे कहां से आए जैसे सवालों के जवाब पूछताछ में ही मिल पाएंगे।





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