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सात समंदर पार पहुंची झुंझुनूं की दो बहनों की कला

 

पत्रिका न्यू•ा नेटवर्क

झुंझुनूं. हाल ही में सिंगापुर में आयोजित मिसेज एशिया पैसेफिक सौंदर्य प्रतियोगिता में तीन खिताब जीतने वाली भारत की रश्मि सहाय ने जो ड्रेस पहनी थी, उसे झुंझुनूं की निशा, शिखा और उनकी टीम ने तैयार किया है।
भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली बिहार की रश्मि सहाय ने वहां मिसेज स्पेशल क्वीन एम्बेसडर, मिसेज अभिनंदन और मिसेज फ्रेंडशिप का खिताब जीता है।14 से 18 मई तक हुई प्रतियोगिता में एशिया के अनेक देशों की महिलाओं ने अपनी प्रतिभा दिखाई। फैशन डिजाइनर निशा कुमावत व शिखा कुमावत ने इसके लिए पूरा कलेक्शन तैयार किया।
उन्होंने बताया कि उन्हें अलग-अलग थीम पर ड्रेस तैयार की। सबसे यूनिक ड्रेस नेशनल कॉस्ट्यूम्स थी। इसमें पूरे भारत व भारतीय संस्कृति की झलक होनी चाहिए थी। इसे पहनकर रश्मि ने कैटवॉक व फोटोशूट किया।निशा ने बताया, इसके लिए उन्होंने कमल चुना। यह राष्ट्रीय पुष्प होने के साथ सरस्वती, मां लक्ष्मी व ब्रह्माजी को भी प्रिय है। हाथ में धातू का कमल दिया गया व धूप जलाई गई। एक हाथ में शंख रखा गया।
इसी प्रकार थ्री इन वन थीम पर पिंक कॉकटेल ड्रेस तैयार की गई।इसके अलावा कॉकटेल, स्वीमसूट, विनिंग गाउन व थीम ड्रेस तैयार की गई।

मूलरूप से अणगासर गांव की रहने वाली कुमावत बहनें अभी झुंझुनूं रहती हैं। दोनों ने बताया कि उनके इस कार्य में पिता मनीराम व मां संपत देवी ने पूरा सहयोग किया।इसके अलावा मेंटर जसप्रीत कौर ने इस मुकाम तक पहुंचाने में विशेष सहयोग किया।वे स्टाइल लोफ्ट नाम से खुद का स्टार्टअप शुरू कर चुकी हैं।जून में मुम्बई में मिसेज इंडिया (आइएमपी) सौंदर्य प्रतियोगिता होगी, इसमें निशा हैड डिजाइनर है। इसके लिए उसने कलैक्शन तैयार कर लिया है।

 

निजी को टक्कर दे रहे सरकारी विद्यालय
झुंझुनूं. जिले के सरकारी विद्यालय महंगे निजी स्कूलों को टक्कर दे रहे हैं। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान अजमेर की ओर से घोषित बारहवीं वाणिज्य के परिणाम में जिले के सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों का परिणाम अच्छा रहा है। जिले में कुल 116 विद्यालयों में वाणिज्य संकाय है। इनमें से 36 सरकारी व 80 निजी विद्यालय शामिल हैं। 36 में से बीस सरकारी विद्यालयों का परिणाम सौ फीसदी रहा है। वहीं 80 निजी विद्यालयों में से 42 का परिणाम सौ फीसदी रहा है। चालीस फीसदी से कम परिणाम किसी सरकारी विद्यालय का नहीं रहा, जबकि एक निजी विद्यालय जिले में ऐसा भी है जिसने महंगी फीस ली, लेकिन परिणाम शून्य रहा। कुल 62 विद्यालयों का परिणाम सौ फीसदी रहा है।


इन सरकारी स्कूलों का सौ फीसदी रहा परिणाम
परसरामपुरा, भोजनगर,मंडावा, सूरजगढ़, निराधनू, खेतड़ी, खेतड़ी नगर, पचेरीबड़ी, बाय, बड़वासी, सांवलोद, नूआं, अलससीर, बबाई, मंड्रेला, सौंथली, सुल्ताना, जखोड़ा,बनगोठड़ी और बाकरा के सरकारी विद्यालय का वाणिज्य संकाय का परिणाम सौ फीसदी रहा है।



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