स्वच्छ भारत अभियान का सपना साकार नहीं, क्षेत्र के गांवों में औपचारिक बना स्वच्छता अभियान
आहोर. आहोर ग्राम पंचायत समेत क्षेत्र की सभी ग्राम पंचायतों को ओडीएफ यानि पूर्णतया खुले में शौच मुक्त भी घोषित किया गया है, लेकिन वास्तविकता में लोग शौचालयों का उपयोग नहीं कर रहे। ऐसे में स्वच्छ भारत का सपना साकार नहीं हो रहा।
आहोर ग्राम पंचायत समेत क्षेत्र के समस्त ग्राम पंचायते स्वच्छ भारत अभियान के तहत ओडीएफ घोषित होने के बाद भी कई लोग खुले में शौच कर गंदगी फैला रहे है। वहीं स्वच्छ भारत अभियान की धज्जियां उड़ा रहे हैं। कस्बे समेत क्षेत्र के गांवों में स्वच्छ भारत अभियान के तहत घरों में सरकारी अनुदान पर शौचालयों का निर्माण होने तथा अधिकारियों व कार्मिकों द्वारा आमजन को स्वच्छता के प्रति समय-समय पर जागरूक करने के बावजूद वर्तमान में आलम यह है कि प्रतिदिन सुबह व शाम के वक्त यहां कई लोगों को हाथ में पानी का डिब्बा व बोतल लेकर शौच के लिए जाते-आते सहज ही देखा जा सकता है, लेकिन संबंधित ग्राम पंचायतों समेत जिम्मेदारों द्वारा खुले में शौच कर रहे लोगों को ना तो रोकने की जहमत उठाई जा रही है और ना ही उन्हें पाबंद किया जा रहा है। ऐसा नजारा प्रतिदिन कस्बे में विभिन्न स्थानों तथा क्षेत्र के गांवों में देखा जा सकता है। ओडीएफ घोषित होने तथा प्रत्येक घर में शौचालयों का निर्माण होने के बाद भी कई लोग खुले में शौच कर गंदगी फैला रहे है। लेकिन इन्हें रोकने व टोकने वाला कोई नहीं है।
सरकारी भूमि में ही जाते शौच
कस्बे में निजी बस स्टैण्ड के समीप स्थित मुख्य तालाब का सौन्दर्यकरण किया जा रहा है। जिसके तहत तालाब की सफाई, समतलीकरण, झाडिय़ों की कटाई, चार दीवारी का निर्माण, धोरापाली का निर्माण तथा वॉकिंग ट्रेक का निर्माण किया जा चुका है तथा आगामी दिनों में विभिन्न विकास कार्य किए जाने प्रस्तावित है। इसके बावजूद अभी भी कई लोग तालाब में शौच कर यहां गंदगी फैला रहे है। इसके अलावा लोग कचरा भी पूर्व की तरह ही तालाब में अभी भी डाल रहे है। यहां गंदगी व कचरा डालने में ग्राम पंचायत के सफाईकर्मी भी शामिल है।
कोई रोक टोक नहीं
इसके अलावा कस्बे में ग्राम पंचायतों को स्वच्छ भारत अभियान की सुचारू क्रियान्विति करने के निर्देश देने वाली पंचायत समिति के स्वयं की खाली पड़ी सरकारी भूमि में आस-पास स्थित बस्ती के कई लोग शौच कर गंदगी फैला रहे है। पंचायत समिति के पीछे विभाग की खाली भूमि पड़ी है। जिसमें बबूल की झाडिय़ां उगी हुई है। आस-पास के लोग टूटी चार दीवारी से अन्दर घुसकर खुले में शौच कर रहे है तथा सरकारी भूमि को दूषित करने के साथ गंदगी फैला रहे है। लेकिन इन्हें ऐसा करने से रोकने व टोकने वाला कोई नहीं है।
नहीं हो रहा शौचालयों का उपयोग
स्वच्छ भारत अभियान के शुभारंभ पर ग्राम पंचायतों में पूर्ण रूप से शौचालयों का निर्माण करवाकर खुले में शौच मुक्त घोषित किया गया। शौचालय निर्माण पर सरकार की ओर से अनुदान राशि भी लाभार्थियों को दी गई। इसके बाद स्वच्छता टीमों ने शौचालयों का नियमित उपयोग करने तथा खुले में शौच नहीं करने को लेकर समय-समय पर निरीक्षण कर ग्रामीणों को जागरूक किया, लेकिन अब कोई कार्रवाई नहीं हो रही। ऐसे में शौचालयों का उपयोग नहीं हो रहा।





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