ब्यावर (अजमेर). घर-गृहस्थी में हर परिवार में मिया-बीवी के बीच किसी न किसी बात पर झगड़ा, तकरार, विवाद और मार-पिटाई होना आम है। इसे कोई घर की चारदीवारी तक सीमित रखता है कोई सहन नहीं कर पाने पर सख्त कदम उटा बैठता है।
नतीजतन पति या पत्नी के घर से रूठकर भागने, कई दिनों तक दोनों के बीच बातचीत नहीं होने, पुलिस थाने या अदालत तक मामला पहुंचने से लेकर आत्महत्या जैसे कदम भी उठा लेते हैं। ऐसे मामले आए दिन सामने आते रहते हैं।
विवाहिता गुमसुम नजर आई
ऐसा ही एक मामला ब्यावर में सामने आया। पुलिस को गश्त के दौरान स्टेशन रोड पर एक विवाहिता गुमसुम और अकेली नजर आई। जो दिखने में बीमार लग रही थी। पुलिस ने पहले तो उसे भिखारी समझा। बाद में पूछताछ की तो वह जवाब देने की बजाए डरी और सहमी रही। पुलिस ने उसे विश्वास जताया तो उसने हकीकत बयां कर दी। दरअसल वह बिहार के छपरा की रहने वाली निकली जो पति से झगड़ा होने पर रूठकर घर से निकल गई। बीमार होने पर पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती करा दिया। बाद में एक स्वयंसेवी संगठन को इलाज कराने व स्वस्थ होने तक देखरेख में रखने की जिम्मेदारी सौंप दी।
कामकाज को लेकर कहासुनी
बिहार निवासी यह महिला इतनी अस्वस्थ है कि वह अपना नाम भी सही तरीके से नहीं बता पा रही। बिहारी भाषा में आधे-अधूरे शब्दों में अपने घर का पता जरूर बता पाई। इसी के आधार पर पुलिस ने उसके पति से सम्पर्क कर सूचना भिजवाई है। महिला ने पूछताछ में बताया कि कामधंधे को लेकर पति से तकरार होती रहती है। घर पर रोज-रोज के झगड़े, मारपीट व तकरार से परेशान होकर वह घर से निकल गई। इस दौरान ट्रेन के जरिए ब्यावर तक आ पहुंची। शहर थानाधिकारी रमेन्द्रसिंह हाडा ने बताया कि महिला के पति को सूचित कर दिया है।





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