कोटा. आरकेपुरम थाना क्षेत्र में मंगलवार रात किशोरी के अपहरण का प्रयास करने की सूचना से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। एएसपी राजेश मील ने बताया कि आरकेपुरम क्षेत्र निवासी 14 वर्षीय किशोरी के अभिभावकों ने महावीर नगर थाने में उसके अपहरण के प्रयास की शिकायत का परिवाद दिया। इससे पहले परिजनों ने किशोरी को नए अस्पताल में भर्ती करवा दिया था। इस पर वह खुद, उद्योग नगर थानाधिकारी विजयशंकर शर्मा समेत पुलिस ने किशोरी से मिलने नए अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने महिला चिकित्सक से किशोरी की जांच करवाई। इसमें बालिका के शरीर पर किसी तरह की जबरदस्ती के निशान नहीं मिले।
BIG News: जयपुर के डॉक्टरों का कारनामा: घुटने की जगह कर दिया कान का ऑपरेशन और हड़प लिए 16 हजार
किशोरी ने होश में आने के बाद बताया कि वह पैदल जा रही थी। तभी एक कार में महिला समेत कुछ लोगों ने उसे जबरन बैठा लिया, नशीला पानी पिलाया, इससे वह बेहोश हो गई। वहीं पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता लगा कि आरकेपुरम स्थित एक निजी हॉस्पिटल में पीडि़ता की बड़ी बहन काम करती थी।
चिकित्सालय के बाहर एक महिला ने किशोरी को खड़े देखा और इसके बाद वह तबीयत खराब हो गई और वह सड़क किनारे बेहोश होकर गिर गई। इस पर महिला ने उसे संभाला तथा चिकित्सालय के बाहर खड़े लोगों को बुलवाकर उसे भर्ती करवाया। जहां चिकित्सालय के चिकित्सक व स्टॉफ ने किशोरी को पहचान लिया। इससे पहले भी बालिका का चिकित्सालय में तनाव का उपचार चल चुका है। इसके अलावा उसकी बड़ी बहन के वहां काम करने से चिकित्सक व स्टॉफ उसे जानता है। परिजनों का कहना है कि किशोरी जो कपड़े पहन कर गई थी, वह कपड़े बदले हुए हैं। ऐसे में पुलिस ने घर से निकलकर घर तक पहुंचने की समयसारिणी बनाकर जांच शुरू की। किशोरी बीच में नानी व मौसी के यहां भी गई थी। उसने वहां कितना समय बिताया, इसकी जांच की जा रही है।
Read More: बस-ट्रोला भिडंत में 2 यात्रियों के कटे हाथ, एक के पैर की हड्डियां टूटी, 2 घंटे दर्द से तड़पते रहे 88 लोग
परिजनों की सूचना पर परिवाद लेकर जांच शुरू कर दी। बालिका बेहोश हो गई थी। अब वह होश में है। उसका उपचार चल रहा है। महिला चिकित्सक की प्राथमिक जांच में जबरदस्ती के निशान नहीं हैं। परिजन चाहेंगे तो मामला दर्ज कर लिया जाएगा। खुद पुलिस अधीक्षक मामले का सुपरविजन कर रहे हैं।
राजेश मील, एएसपी, कोटा सिटी





No comments:
Post a Comment