आत्मा के कल्याण को प्रमात्मा की शरण जरूरी
सदराम की बेरी .
परमात्मा चेतन है तथा सम्पूर्ण सृष्टि के क्रियाकलापों की डोर उसी के हाथ में है। हमें उस पर भरोसा बनाए रखने की आवश्यकता है। सत्य भाव से पुकारने और स्मरण करने पर परमात्मा से अवश्य प्रतिफल मिलता है। यह बात आचार्य डॉ. गोरधनदास शास्त्री ने सदराम की बेरी गांव स्थित जम्भेश्वर मंदिर में चल रही हरिकथा के छठे दिन कही। उन्होंने कहा कि भगवान जाम्भोजी ने बीघे को चमत्कार बता नास्तिक से आस्तिकता का मार्ग बताया। जाम्भोजी ने 'विष्णु-विष्णु तू भण रे प्राणीÓ का संदेश देते हुए कहा है कि आत्मा का कल्याण करने के लिए मनुष्य को भगवान की शरण में जाना ही पड़ता है। उन्होंने बच्चों को अच्छे संस्कार देने, परिवार में 29 नियमों की पालना करने का आव्हान किया। इस मौके पर राजेन्द्र खिलेरी, ओमप्रकाश जाणी, देरामाराम खिलेरी, छोगाराम जाणी, लाधूराम ढाका, प्रकाश ढाका सहित सैकड़ों भक्तजन उपस्थित रहे।
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महाविद्यालय में समर कैंप 3 जून से
बायतु .
राजकीय महाविद्यालय बायतु में आगामी 3 जून से समय कैंप शुरू होगा। इसमें विद्यार्थियों को नि:शुल्क कौशल प्रशिक्षण के तहत व्यक्तित्व विकास, तनाव व समय प्रबंधन तथा योग एवं ध्यान विषयों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। पंजीयन आवेदन पत्र महाविद्यालय से प्राप्त कर सकते हैं।





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