चित्तौडग़ढ़. जिले के निम्बाहेड़ा क्षेत्र गादोला गांव में अक्षय तृतीया पर गांव के ग्रामीणों ने ढोल नगाड़ों से खेत पर जाकर बैलों की जोड़ी से जुताई कर सात प्रकार के अनाज की बुवाई की और आगामी जमाने का अनुमान लगाया। किसान संघ के तहसील उपाध्यक्ष सीताराम गायरी ने बताया कि प्रतिवर्ष अक्षय तृतीया के पर सुबह शुभ बेला में सभी महिला-पुरुष भारतीय परिधान एवं साफा पहन कर एक दूसरे के तिलक लगाकर मौली बंधन सहित पूजा अर्चना कर शुभ मुहूर्त में सात प्रकार के बीजों को बैलों की जोड़ी से जुताई कर बुवाई की जाती है जिस अनाज के बीज का अंकुरण ठीक होता है उसके ऊपज एवं पैदावार अधिक होने का अनुमान लगाया जाता है। इसके बाद ग्रामीण नाचते-गाते गरबा खेलते हुए गांव के मंदिर पर पहुंचकर क्षेत्र के सुख समृद्धि की कामना की। इस अनूठी परंपरा में आसपास के भी क्षेत्रवासी भी पहुंचते हैं। किसान संघ के तहसील जैविक प्रमुख गोविंद गायरी ने बताया कि यह परंपरा कई वर्षों पुरानी है व इससे गांव में सामाजिक समरसता बनी रहती है। मंगलवार को अक्षय तृतीया पर निम्बाहेड़ा पीईईओ मोहनलाल शर्मा, भारतीय किसान संघ के प्रान्त युवा प्रमुख एवं श्री गोपाल कृष्ण गोशाला अनोपपुरा के अध्यक्ष पुष्कर शर्मा, कोषाध्यक्ष प्रेमप्रकाश सुथार, अनिल झंवर, किसान संघ के तहसील मंत्री प्रहलाद उपाध्याय, प्रवीण कलाल सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद थे।
अक्षय तृतीया के अवसर पर कई आयोजन
भदेसर. अक्षय तृतीया के अवसर पर क्षेत्र में कई धार्मिक आयोजन हुए वहीं विवाह समारोह की भी धूम रही। अबूझ मुहूर्त माने वाले इस अक्षय तृतीया पर मुण्डन संस्कार, नए प्रतिष्ठानों के शुभारम्भ व विवाह समारोह हुए। बड़ी संख्या में लोगों ने धार्मिक स्थलों के दर्शन किए।





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