सीकर।
प्रदेश की सबसे हॉट और कांग्रेस का गढ़ कहलाने वाली सीट सीकर ( Sikar Lok Sabha Result 2019 ) में एक बार फिर कमल खिल गया है। यहां भाजपा के सुमेधानंद सरस्वती ( Sumedhanand Saraswati Record Win ) ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के सुभाष महरिया को 2 लाख 97 हजार 164 मतों से हराकर बड़ी जीत हासिल की है। सुमेधानंद को 7 लाख 72 हजार 104 वोट मिले है तो कांग्रेस ने 4 लाख 74 हजार 940 मत हासिल किए। गौरतलब है सीकर को कांग्रेस का गढ़ भी कहा जाता है। हमेशा से ही कांग्रेस का पलड़ा भारी रहा है। सुभाष महरिया खुद केन्द्रीय मंत्री भी रह चुके है। इसके अलावा वह तीन बार सांसद भी रहे है।
सीकर में इसलिए हार गई कांग्रेस
-महरिया की खुद की टीम आगे रही और कांग्रेस टीम पीछे। ऐसे में कांग्रेस के कार्यकर्ता महरिया के साथ मन नहीं जुड़ पाए।
-जाट बहुल सीकर जिले में जाटों ने महरिया का विरोध किया।
-भाजपा छोडकऱ कांग्रेस में शामिल हुए महरिया को कांग्रेस ने मन से नहीं स्वीकारा।
-वाहिद चौहन जो हमेशा कांग्रेस के सामने रहे आखरी समय पर साथ लेने से कांग्रेस में नाराजगी रही।
-लोकसभा चुनाव से ठीक पहले मोदी की रैली से भी कांग्रेस के वोटर्स पर असर पड़ा।
-कहा जा सकता है कि यही कारण है कि राज्य की सबसे मजबूत सीट मानी जा रही सीकर सीट को भी कांग्रेस ने खो दिया।
तीन बार रहे सांसद
साल 1996 में भाजपा के सुभाष महरिया को चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद 1998, 1999 व 2004 के चुनाव में महरिया ने जीत दर्ज की। 1952 से हुए 16 लोकसभा चुनाव में से 7 बार कांग्रेस, 4 बार भाजपा ने जीत दर्ज की। सीकर में हमेशा कांग्रेस का पलड़ा भारी रहा है, लेकिन पिछले चुनाव में चली मोदी लहर में यहां भी कांग्रेस का गढ़ ढह गया और भाजपा के उम्मीदवार सुमेधानंद सरस्वती ने जीत दर्ज की।
Read More :
'हाथ' से फिर फिसली सीट, 'संत' की फिर जीत, अपना ही रिकॉर्ड को तोडकऱ रच दिया नया इतिहास





No comments:
Post a Comment