मुकेश हिंगड़/उदयपुर . पशुगणना में लगे प्रगणक आवारा पशुओं व श्वानों की गिनती करना ही भूल गए है। कुछ जगह गणना हुई तो वह भी आधी -अधूरी। इसका खुलासा पशुपालन विभाग के अधिकारियों की वीडियो कॉन्फ्रेंस में हुआ है। ऐसे में इनकी गिनती 17 मई को करने के आदेश जारी किए गए। साथ ही करीब एक लाख से अधिक हाउस होल्ड का डाटा भी ऑनलाइन नहीं हो पाया है। विभाग ने संबंधित सुपरवाइजरों को यह डाटा भी 20 मई तक पूर्ण करने के लिए पाबंद किया है।
सूत्रों ने बताया कि वीडियो कॉन्फ्रेंस में निदेशक ने इस चूक को गंभीर मानते हुए तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि उदयपुर में पशुगणना के आंकड़ों में काफी चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। एनआईसी की सूची में पहले मुकाबले आवारा पशुओं व श्वानों की संख्या में कमी आने से इनकी गणना ढंग से नहीं होने का पता चलता है।
इसमें मुख्य रूप से बकरी, भैंस व अश्वों की संख्या में कई गुणा वृद्धि होने तथा गोवंश, भेड़, खच्चर व श्वानों में कमी आने पर फिर से गणना करने के दिशा-निर्देश दिए गए। यह गणना 17 मई को सुबह 7 से शाम 7 बजे तक की जाएगी।
रेण्डम सर्वे के लिए कमेटी गठन
पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. ललित जोशी ने बताया कि विभागीय निर्देश पर पशुगणना की सत्यता की जांच के लिए हर तहसील स्तर पर रेण्डम सर्वे के लिए पशु चिकित्सकों की 8 टीमें गठित की है। यह टीमें मौके पर जाकर प्रगणकों की गणना की जांच करेगी और 25 मई तक इसकी तथ्यात्मक रिपोर्ट विभाग को भेजेगी।





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