हिण्डौनसिटी.
सुरक्षा कारणों के चलते वर्तमान में आम कार्यकर्ता का प्रधानमंत्री तक पहुंचना बड़ा कठिन है। लेकिन एक जमाना वो भी था जब कार्यकर्ताओं के प्रति नेता काफी सहज और सुलभ हुआ करते। सहृदयता इतनी की प्रधानमंत्री के होने के बाद भी आम कार्यकर्ता को विमान में साथ बैठाने में भी गुरेज नहीं होती।
चार दशक पहले प्रधानमंत्री के साथ हेलीकॉप्टर में सफर कर चुके मण्डावरा गांव निवासी बृजमोहन बेनीवाल उस दौर के नेताओं की सहृदयता को आज भी याद कर करते हैं। 82 वर्षीय वयोवृद्ध बृजमोहन लाल का कहना है कि एक दौर वो था कि स्वागत के लिए मंच तक पहुंच जाते थे, अब उनके गांव मेंं आ रहे प्रधानमंत्री की झलक पाना भी कार्यकर्ताओं के लिए सहज नहीं है।
बकौल बेनीवाल उत्तर प्रदेश के मथुरा में कानून की पढ़ाई करते समय वे 1967 में चौधरी चरणसिंह के सम्पर्क में आए थे। देश के पांचवे प्रधानमंत्री बनने के बाद भी उनकी चौधरी साब से करीबी बरकार रहीं।
वर्ष 1979 में मध्यावधि चुनाव के दौरान कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में चौधरी चरणसिंह दौसा, हिण्डौन व धौलपुर में चुनावी सभा को संबोधित करने आए थे। बृजमोहन भी आम कार्यकर्ता की भांति दौसा सभा में पहुंचे।
मंच के पास खड़ा देखा प्रधानमंत्री ने उन्हें पास बुला लिया और हेलीकॉप्टर से उनके साथ हिण्डौन की चुनावी सभा में चलने को कहा। 22 दिसम्बर 1979 का दिन बृजमोहन के लिए अविस्मरणीय रहा। प्रधानमंत्री के साथ सवाईमाधोपुर संसदीय क्षेत्र के रालोद प्रत्याशी डॉ. हेमराज भी साथ थे।
बाद में चौधरी चरणसिंह उन्हे हेलीकॉप्टर से अपने साथ बयाना लोकसभा क्षेत्र के प्रत्याशी के लिए धौलपुर जनसभा में भी ले गए। बेनीवाल ने बताया कि दिल्ली लौटते समय प्रधानमंत्री का हेलीकॉप्टर उन्हें को छोड़ते हुए हिण्डौन लैण्ड करते हुए निकला था।
इंदिरा गांधी ने परशुराम का हाथ उठा कर भीड़ से मांगे वोट
वर्ष 1980 में हुए विधानसभा चुनाव में हिण्डौन से कांग्रेस प्रत्याशी रहे परशुराम राजौरा ने बताया कि उनके प्रचार में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी हिण्डौन आई थी। राजकीय महाविद्यालय में जनसभा में गांधी ने उनका हाथ उठा कर भीड़ से वोट देने की अपील की। तत्कालीन केन्द्रीय वित्तराज्य मंत्री जगन्नाथ पहाडिया, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष रामकिशोर व्यास की मौजूदगी में इंदिरा गांधी को स्वागत करना उन्हें आज भी गौरव की अनुभूति देता है।





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