कोटा. राजस्थान पत्रिका के शैक्षणिक अनुभाग पत्रिका इन एजुकेशन (पाई) व शिवज्योति इंटरनेशनल स्कूल की ओर से दादाबाड़ी स्थित मोदी पब्लिक स्कूल में ज्ञान की पाठशाला में प्रतिभागी उत्साह से भाग ले रहे हैं। बुधवार को कोर्स शुरू होने के साथ नए प्रतिभागी भी शामिल हुए। समर कैम्प 6 जून तक चलेगा। समस्त प्रतिभागियों को राजस्थान पत्रिका की ओर से प्रशस्ति पत्र दिए जाएंगे। पंजीयन शुरू हो चुका है। इसमें पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर प्रवेश दिया जा रहा है। शिविर में ऑन द स्पॉट भी पंजीयन किए जा रहे हैं। अधिक जानकारी के लिए 9660048860, 8107037027 पर सम्पर्क कर सकते हैं।
इनका मिल रहा प्रशिक्षण
ऐरोबिक्स, सेल्फ डिफेंस, योगा, बॉस्केटबॉल, बैडमिंटन, इवेंट मैनेजमेंट, एंकरिंग, गिटार, हिप होप डांस, स्केटिंग, इथिकल हैकिंग, किचन गार्डनिंग व बोनसाई, फैशन डिजाइनिंग, रोबेटिक डांस, फोटोग्राफी, पर्सनलिटी डवलपमेंट, कल्चरल डांस, ब्यूटी केयर, स्कीन एण्ड हैयर स्पा, हैंड राइटिंग, फ्रेंच लेंग्वेज, जर्मन लेंग्वेज, स्पोकन इंग्लिश, एक्टिंग थियेटर, वेस्टर्न डांस, वाटर कलरिंग एण्ड पेंसिंल वर्क, इंटरियर डिजाइनिंग, कथक, बॉलीवुड डांस, अबेकस, बेसिक कम्प्यूटर, टेली (बेसिक) कार्टून मेकिंग, केलीग्राफी, मेहंदी समेत अन्य कोर्सेज में प्रतिभागी भाग ले रहे हैं।
काम के अवसर बढ़ाती है विदेशी भाषाएं
जर्मन लेंग्वेज की कक्षा में कॅरियर पाइंट यूनिवर्सिटी के शिक्षक अमित राठौर ने अध्यापन कराते हुए विद्यार्थियों को यह भी बताया कि फ्रेंच, स्पेनिश, इतालवी, मंदारिन जैसी विदेशी भाषाओं को सीखना छात्रों को एक बढ़त देता है। देशी या विदेशी भाषा सीखने का अपना अलग ही महत्व रहा है, लेकिन यह अब अधिक सच है क्योंकि दुनिया छोटी सी जगह बन गई है। इसके साथ युवाओं की रुचि विदेशी भाषाओं को सीखने में बढ़ी है। ये भाषाएं अंतरराष्ट्रीय परीक्षाओं में बैठने का अवसर देती हैं। स्कूल स्तर के बच्चों के लिए फ्रेंच में बहुत सारी परीक्षाएं हैं जैसे फ्रेंच स्पेल बीई, आईएफएलओ, फ्रेंच ओलंपियाड जैसी परीक्षा छात्रों को विदेश में अध्ययन करने के लिए छात्रवृत्ति प्राप्त करने में मदद करती है। विदेशी भाषाओं के अधिग्रहण से युवा को विदेशी कंपनियों में काम करने में मदद मिलती है। इसके अलावा अनुवाद और पर्यटन के क्षेत्र में कैरियर के विकल्पों की अधिकता है।
एंकरिंग में भी व्यापक संभावनाएं
शहर के एंकर ओम पंचोली ने विद्यार्थियों को एंकरिंग की उपयोगिता और लोकप्रियता के बारे में जानकारी दी। पंचोली ने बताया कि एंकरिंग समाज के किसी भी क्षेत्र व स्थान पर अपने विचारों व भावनाओं को बेहतर तरीके से प्रस्तुत करने की उत्कृष्ट कला है। शब्द, स्वर और समझ के सुंदर समन्वय से एक सफल एंकर बना जा सकता है। वर्तमान में एंकरिंग, व्यापक संभावनाओं वाला क्षेत्र है। अपनी मेहनत, लगन, निष्ठा व समर्पण से इस व्यवसाय में उन्नति के व्यापक अवसर है। यह कक्षा 2 जून तक निरन्तर है। ऑन स्पॉट रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी है।





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