करौली.खसरे व जन्मजात रोगों से बचाने के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग पहली बार करौली जिले में रूबैला का टीका लगाएगा। इसके लिए चार लाख बालक-बालिकाओं को चिन्ह्रित करने का काम विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों ने शुरू कर दिया है। अभी तक बालक-बालिकाओं के खसरे का टीका लगता था, लेकिन भारत सरकार ने खसरा- रूबैला (एमआर ) का टीका लगाने के लिए आदेश जारी किए हैं। चिकित्सा अधिकारियों ने बताया कि किसी स्त्री ने समय से पहले या गर्भअवस्था में रूबैला संक्रमण की चपेट में आने के बाद बालक को जन्म दिया तो बालक में जन्मजात बीमारी की आशंका रहती है। इस पर अंकुश लगाने के लिए खसरे के साथ रूबैला का टीका लाया गया है। इस टीके के लगने के बाद जन्मजात बीमारियों से छुटकारा मिल सकेगा। जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जयंतीलाल मीना ने बताया कि ९ माह से १५ वर्ष तक के बच्चे के टीका आवश्यक रूप से किया जाएगा।
स्कूलों से होगी शुरुआत
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के साथ, महिला एवं बाल विकास विभाग व शिक्षा विभाग रूबैला के अभियान में संयुक्त रूप से काम करेगा। स्कूलों में कक्षा दसवीं तक के बच्चों के आवश्यक रूप से टीका लगाया जाएगा, बाद में आंगनबाड़ी केन्द्र तथा अन्य स्थानों पर जाकर निर्धारित स्थान पर टीके लगेंगे।
प्रशिक्षण दिया, टीम बनना शुरू
विश्व स्वास्थ्य संगठन के सहयोग से बुधवार को करौली में रूबैला टीकाकरण की सफलता के लिए प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षक व चिकित्सक राजेश ने रूबैला के फायदे गिनाए, उन्होंने बताया कि जन्मजात बीमारियों से निजात मिल सकेगा।
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करौली में रूबैला टीका लगाने का प्रशिक्षण देते प्रशिक्षक चिकित्सक।
बाइट- जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी





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