चित्तौड़गढ़। चित्तौड़गढ़ हॉस्पिटल से रेफर की गई प्रसूता की उदयपुर में मौत होने के बाद परिजनों ने शव चित्तौड़गढ़ हॉस्पिटल में लाकर हंगामा किया। मामला चित्तौड़गढ़-जिला चिकित्सालय में प्रसूता की मौत का है। आक्रोशित लोगों ने यहां तोड़फोड़ भी की। वहीं विरोध में चिकित्सकों ने कार्य का बहिष्कार कर दिया है। फिलहाल चिकित्सालय में भारी मात्रा में पुलिस जाप्ता तैनात किया गया है। चिकित्सालय छावनी की तरह नजर आ रहा है।
उधर, चित्तौडगढ़़ जिले के शंभूपुरा थाना क्षेत्र के एक इलाके में दुकान में सो रही चौदह वर्षीय बालिका के साथ दुष्कर्म ( minor rape ) करने का मामला सामने आया है। पीडि़ता की ओर से दी गई रिपोर्ट में बताया गया है कि 6 मई को वह दुकान में सो रही थी। तभी रात करीब एक बजे शंभूपुरा निवासी मनोज (21) पुत्र खेताराम मेघवाल आया और उसके साथ बलात्कार किया।
बड़ी बहन ने पूछा तब हुई जानकारी ( Minor Rape in Rajasthan )
पीडि़ता ने डर के मारे इसकी जानकारी किसी को नहीं दी। उसे गुमसुम देख बड़ी बहन ने पूछा, तब उसने सोमवार को अपने साथ ही घटना के बारे में जानकारी दी। परिजन पीडि़ता को लेकर शंभूपुरा थाने पहुंचे, जहां आरोपी के खिलाफ पोक्सो में मामला दर्ज किया गया। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है।
बलात्कार पीडि़ता का पैर तोड़ा ( Rape in Sikar )
वहीं सीकर में भी पुलिस का लापरवाही भरा रवैया सामने आया है। यहां एक बलात्कार पीडि़ता को पुलिस के पास पहुंचना उलटे भारी पड़ गया। पुलिस ने तो मदद नहीं की, आरोपी की ओर से नकाबपोश आए और उसका पांव तोड़ गए। पीडि़ता का कहना है कि आरोपी मनोज सैनी ने उसके साथ बलात्कार किया। सदर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई लेकिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार नहीं किया। इसके बाद पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई तो आरोपी ने हमलावर भेज दिए। बाइक पर आए 2 नकाबपोश हमलावरों ने उसे बलात्कार का केस वापस लेने के लिए धमकाया। फिर मारपीट कर भाग गए। इससे उसका पैर टूट गया।





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