अलवर. ( Alwar Thanagazi Gang Rape Case )थानागाजी में सामूहिक बलात्कार की पीडि़ता को सांत्वना देने के नाम पर उसके घावों पर नमक छिडकऩे का काम नेता भी कर रहे हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्री व अलवर की प्रभारी मंत्री ममता भूपेश ( Mamta Bhupesh ) बुधवार को पीडि़त परिवार के घर पहुंची। परिवार को सांत्वना दी। लेकिन खुद के साथ परिवार के लोगों से बातचीत करते हुए के फोटो एक सोशल साइट पर अपलोड कर दिए। जिसमें मकान व परिवार के लोग साफ दिख रहे हैं।
हालांकि बाद में ममता भूपेश के पेज पर इस पोस्ट को डिलीट कर दिया गया , लेकिन, तब तक इन फोटो को बड़ी संख्या में लोगों ने देख लिया।
ऐसे मामलों में पीडि़ता की पहचान उजागर करने पर दो साल की सजा का प्रावधान है। आईपीसी की धारा 228 क और सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार बलात्कार के मामले के पीडि़त पक्ष की किसी भी रूप में पहचान को उजागर करना अपराध है।
लोग भी कर रहे अपराध
सोशल मीडिया पर दूसरे लोग भी यह अपराध कर रहे हैं। आईटी एक्ट के मुताबिक भी दुष्कर्म पीडि़ता की कोई भी पहचान सोशल मीडिया पर एक दूसरे को नहीं भेज सकते। यह भी अपराध है। ऐसा करने वाले कानून की चपेट में आ सकते हैं। सामूहिक बलात्कार का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। जिसकी जांच होने पर वीडियो वायरल करने वाले भी फंस सकते हैं।
फोटो साइट पर किसने डाले, जानकारी नहीं
वो तो परिवार वाले एडीएम को कुछ कागज पेश कर रहे थे। फोटो सोशल साइट पर किसने डाल दी मुझे जानकारी नहीं है।
ममता भूपेश, प्रभारी मंत्री, अलवर
कानून के मुताबिक बलात्कार पीडि़ता की पहचान को प्रकाशित नहीं किया जा सकता। यह अपराध है। इसी तरह आइटी एक्ट के अनुसार भी पीडि़ता की पहचान उजागर करना अपराध है। जिसमें भी जुर्माना व सजा का प्रावधान है।
अभिमन्यु सिंह,
एडवोकेट अलवर





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