उदासीनता: नेशनल हाइवे पर काटे गए पेड़ों के बारे में १७ दिन बाद भी अधिकारी उदासीन
चितलवाना. राष्ट्रीय राजमार्ग पर पुलिया निर्माण के लिए ठेकेदार की ओर से सैकड़ों पेड़ों की बली चढ़ा दी गई और अभी हरे पेड़ों के कटने का सिलसिला जारी है। इसके बावजूद जिम्मेदार व प्रशासनिक अधिकारी इस बारे में जान बूझकर अनभिज्ञता जता रहे हैं।
जानकारी के अनुसर हाइवे की सिवाड़ा सरहद में पुलिया के निर्माण के लिए एक किमी तक सड़क के किनारे उगे सालों पुराने पेड़ों को बिना किसी अनुमति के काट दिया गया, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों अब तक इस बारे में कोई कार्रवाई नहीं की है। ऐसे में ठेकेदार की ओर से अभी भी पेड़ों को काटा जा रहा है। अब ग्रामीणों ने इसका विरोध जताते हुए कार्रवाई नहीं होने पर न्यायालय की शरण लेने की बात कही है। ठेकेदार की ओर से जेसीबी से बिना अनुमति पेड़ काटने के बावजूद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण व वन विभाग के अधिकारी भी कार्रवाई करने के बजाय मौन धारण किए हुए हैं।
कैसे होगा पर्यावरण का संरक्षण
जहां एक ओर पर्यावरण सरंक्षण को लेकर देश भर में कई अभियान चलाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर खुद सरकारी महकमा ही बिना किसी अनुमति के सैकड़ों पेड़ों की बली चढ़ा रहा है। इस तरह पर्यावरण संरक्षण की मुहिम कैसे रंग लाएगी।
पखवाड़े बाद भी अनभिज्ञ
राष्ट्रीय राजमार्ग 6 8 पर सिवाड़ा सरहद में पुलिया निर्माण के दौरान हरे पेड़ों की कटाई को लेकर पत्रिका ने गत 25 अप्रैल को 'विकास के नाम पर उखाड़े सैकड़ों पेड़Ó शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इस बात को १७ दिन बीत चुके हैं। लेकिन अधिकारियों का रवैया टालमटोल बना हुआ है। इसके चलते १७ दिन बाद भी अधिकारी इसकी जानकारी नहीं होने का हवाला देकर अनभिज्ञता जता रहे है।
इनका कहना...
हाइवे किनारे सालों से खड़े हरे पेड़ ठेकेदार बिना किसी अनुमति काट रहा है। ग्रामीण कई दिन से इसका विरोध कर रहे हैं। फिर भी अधिकारी अनदेखी कर रहे हैं। जल्द ही इस संबंध में कार्रवाई नहीं हुई तो न्यायलय की शरण ली जाएगी।
- चुन्नीलाल, ग्रामीण, सिवाड़ा
हाइवे पर काटे हरे पेड़ों के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। अगर पेड़ काटे गए हैं तो जल्द ही संबंधित के खिलाफकार्रवाई की जाएगी।
- प्रेमाराम, कार्यवाहक तहसीलदार, चितलवाना
हाइवे पर पुलया निर्माण के दौरान ठेकेदार ने पेड़ काट दिए होंगे। क्यों पीछे पड़े हो।
- सुजानाराम विश्नोई, एक्सईएन, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, बाड़मेर





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