सीकर.
सूदखोरी में तीन लोगों की मौत के बाद मंगलवार को एक बार फिर एक ऑटो चालक मुकेश ने सूदखोरों से परेशान होकर अपनी जान देने का प्रयास किया। गनीमत रही कि फिनायल पीने के बाद बेहोश होते ही पुलिस की मदद से चालक को तुरंत अस्पताल पहुंचा दिया गया। अन्यथा देरी होने पर वह भी अकाल मौत का शिकार हो गया होता। हालांकि इससे पहले फिनायल पीने के बाद सूदखोरों के खिलाफ शिकायत देने वह एसपी आवास तक पहुंच गया था। लेकिन, फिनायल का असर होने पर वह आवास के बाहर गेट पर ही बेहोशी छाने पर गश खाकर गिर पड़ा। जिसको गेट पर मौजूद गार्ड ने पुलिस की मदद से एसके अस्पताल भिजवा दिया था। यहां मुकेश को भर्ती कर लिया गया और उसका उपचार जारी है। इधर, पुलिस अधीक्षक के नाम लिखी शिकायत में चार सूदखोरों में से दो को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार ऑटो चालक मुकेश भार्गव सुजानगढ़ की भार्गव कॉलोनी का रहने वाला है। जो, वर्तमान में यहां पालवास रोड पर किराए के मकान में रहता है और अपने छोटे भाई के साथ ऑटो चलाकर परिवार का पेट पाल रहा है। पीडि़त मुकेश का आरोप है कि उसने मदन, महेश, कानाराम व भंवरलाल से मजबूरी में रुपए उधार लिए थे। जिनको वह सूद सहित मूल रकम भी वापस लौटा चुका है। लेकिन, बावजूद इसके तीनों उस पर ब्याज और किश्त भरने का नाजायज दबाव बना रहे हैं। सूद और नहीं चुकाने पर उसको जान से मारने की धमकी देना बता रहा है। ऑटो चालक का कहना है कि तीनों को रुपए चुकाते-चुकाते उसकी हालत पतली हो गई और अब वे उसका ऑटो भी छीनने का प्रयास कर रहे थे। जिनसे तंग आकर उसने मौत को गले लगाना उचित समझा और अवसाद में आकर उसने बाजार से फिनायल की बोतल खरीदी और उसको पी गया। इससे पहले उसने एक कागज पर लेनदेन का हिसाब लिखा और तीनों के नाम लिखकर ऑटो में बैठकर एसपी आवास पहुंचा। ताकि मरने के बाद पुलिस को इनकी हकीकत का पता चल सके। कोतवाल श्रीचंद सिंह का कहना है कि प्रकरण में शामिल दो सूदखोर कानाराम व भंवरलाल को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया था। कोर्ट के आदेश पर दोनों को जेल भिजवा दिया गया है।
गार्ड को थमाई पर्ची
एसपी आवास के बाहर बेहोश होने से पहले उसने गेट के गार्ड को वह कागज सौंप दिया था। यहां भी मुकेश के मोबाइल पर सूदखोर का फोन आ रहा था। जिससे गार्ड ने भी बात कर उसको मुकेश की हालत के बारे में बता दिया था। इधर, अस्पताल में भर्ती होने के बाद पुलिस मुकेश के पास पहुंची और उसके बयान रेकार्ड किए। जिनके आधार पर तीनों नामजद लोगों के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है।
दो आरोपी फरार
एएसआइ जयप्रकाश के अनुसार अभी दो आरोपी मदन व महेश फरार हैं। संदिग्ध ठिकानों पर पुलिस दबिश दे रही है। इस साल सूदखोरों से परेशान होकर लक्ष्मणगढ़ के एक युवक ने मौत को गले लगा लिया था। जबकि पिछले साल सूदखोरी में शहर के जावेद व पवन बूबना की मौत हो चुकी है। तीनों ही प्रकरणों में पुलिस की जांच अभी पूरी नहीं हो पाई है और मौत की गुत्थी उलझी पड़ी है।
शादी के रुपयों से चुकाया कर्जा
मुकेश के धर्म के माता-पिता से जब उसकी हालत देखी नहीं गई तो उन्होंने अपनी जेब से सूदखोरों को रुपए चुकाए। जबकि उनकी खुद की लडक़ी की शादी होने वाली है और उन्होंने यह रुपए उसके लिए संभाल कर रखे थे। पीडि़त ने बताया कि उसको किश्त के तौर पर प्रतिदिन सूदखोरों को 20 हजार व 40 हजार के बदले 400 से लेकर 900 रुपए तक चुकाने पड़ते थे। फिनायल पीने और अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी एक सूदखोर का फोन मुकेश के पास आ रहा था। लेकिन, डर के कारण उसने फोन रिसीव नहीं किया बताया।





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