- दूसरे चरण में होगा गुप्त गंगा से बांसवाड़ा रोड तक का काम
प्रतापगढ़.धरियावद रोड को सीधे पुराने शहर और बांसवाड़ा रोड को जोडऩे वाले प्रस्तावित मिनी बाईपास का काम शुरू हो चुका है। मिनी बाइपास के दो हिस्से होंगे। पहला हिस्सा कलक्ट्रेट से पुराने शहर के नंदमार्ग तक और दूसरा कलक्ट्रेट से गुप्त गंगा होते हुए सीधा बांसवाड़ा रोड तक होगा। नंदमार्ग से कलक्ट्रेट तक के हिस्से पर काम शुरु हो चुका है। सब कुछ ठीक रहा तो अगामी नवम्बर तक पुराना शहर और कलक्ट्रेट सीधे बाईपास से जुड़ जाएंगे। दूसरे चरण में गुप्तगंगा से बांसवाड़ा रोड तक काम होगा। ये दोनों ही मिनी बाईपास नगर परिषद की ओर से अपने आय स्त्रोत से बनाए जा रहे हैं। इसमें सरकार से कोईसहायता नहीं ली गई है।
यह बाइपास शहर के पीछे स्थित नाले के ऊपर से गुजरेगा। नाले पर पुलिया बनाई जाएगी। शहर से शुरू होने वाले बाईपास रोड का जीरो माइल पुराने अस्पताल के पास नंदमार्ग पर होगा। बाइपास का अंतिम छोर जनजाति विकास केन्द्र के पास होगा। यहां से रोडवेज बस स्टैण्ड होते हुए हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी से सीधा धरियावद रोड पर खुलेगा। यहां वर्तमान में काम शुरू हो चुका है। जेसीबी से खुदाई और लेवलिंग का काम शुरू हो चुका है। इसकी वित्तीय स्वीकृति और टेंडरिंग का कार्य चुनाव आचार संहिता लगने से पहले ही हो चुका था। इसलिए इसमें फिलहाल आचार संहिता आड़े नहीं आ रही।
मिनी बाईपास का दूसरा हिस्सा गुप्त गंगा से नाले केऊपर होता हुआ तालाबखेड़ा से सीधे बांसवाड़ा रोड पर सर्वोदय रोड पर खुलेगा। नाले के ऊपर पुलिया बनाई जाएगी। यह बाईपास रोड करीब पांच किलोमीटर दूरी का होगा। नाले की घाटी पर रोड के दोनो और सौंदर्यीकरण किया जाएगा।
स्वेच्छा से दान की भूमि
इस बाईपास के निर्माण में खास बात यह रही कि रोड के निर्माण में जहां भी निजी भूमि आ रही थी। भू स्वामियों ने स्वेच्छा से नगर परिषद को अपनी भूमि समर्पित की। नगर परिषद सभापति कमलेश डोसी ने बताया कि मिनी बाईपास बनाने में शहरवासियों का पूरा सहयोग मिल रहा है। यह बाईपास नगर परिषद अपने आय के स्त्रोत से ही बना रहा है। इसलिए जहां भी हमें भूमि की जरूरत पड़ी, लोगों ने स्वेच्छा से भूमि नगर परिषद को समर्पित की।
यह होगा फायदा
दोनों मिनी बाइपास की रोड दो लेन की होगी। रोड की कुल 13 मीटर होगी। जिसमें 7 मीटर चौड़ी डामर रोड तीन मीटर शोल्डर और तीन मीटर अतिरिक्त भूमि होगी। इस बाइपास के बनने से शहरवासी किला परिसर नंदमार्ग से नाले के ऊपर होत हुए जनजाति विकास केन्द्र से सीधे कलक्टे्रट पहुंच सकेंगे। इससे करीब दो किलोमीटर की बचत होगी। फिलहाल कलक्ट्रेट जाने के लिए कृषि उपज मंडी से या गांधी चौराहे से नीमच नाका होते हुए धरियावद रोड पर आना पड़ता है। मिनी बाईपास बनने से यह दूरी बचेगी।
इसी प्रकार धरियावद रोड और बांसवाड़ा रोड सीधे परस्पर जुड़ जाएंगे। इससे शहर से गुजरने वाले नेशनल हाईवे 113 पर यातायात का दवाब कम होगा। धरियावद साइड से आने वाले वाहनों को बांसवाड़ा रोड पर आने पर पांच किलोमीटर की दूरी बचेगी। इस बाईपास के बनने से शहर के पिछले हिस्से का विकास हो सकेगा।
मिनी बाईपास : एक नजर में
पहला भाग : नंदमार्ग से कलक्ट्रेट
दूरी : 2 किलोमीटर
लागत : 2.15 करोड़
सडक़ की चौड़ाई : टू लैन
निर्माण एजेंसी : नगर परिषद
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दूसरा भाग :गुप्तगंगा से बांसवाड़ा रोड
दूरी :5 किलोमीटर
लागत :4.75
सडक़ की चौड़ाई : टू लैन
निर्माण एजेंसी : नगर परिषद
वैकल्पिक बाइपास का काम शुरू हुआ
नगर परिषद की ओर से वैकल्पिक बाइपास के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। पहले हिस्से में नंद मार्ग से जनजाति विकास भवन तक का काम शुरू हो चुका है। नाले पर पुलिया बनाईजा रही है। सब कुछ ठीक रहा तो नवम्बर तक बाइपास का काम पूरा कर शहरवासियों को समर्पित कर दिया जाएगा।
- कमलेश डोसी, सभापति, नगर परिषद, प्रतापगढ़





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