अरविन्द सिंह शक्तावत / जयपुर। राजस्थान ने इस बार भी 2014 की तरह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ( PM Narendra Modi ) को पूरे 25 सांसद दिए हैं। मोदी गुरुवार को फिर से प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। ऐसे में यह कयास लगाए जा रहे हैं कि मोदी के पहले मंत्रिमंडल में इस बार राजस्थान से दो या तीन सांसदों को मौका मिल सकता है। इस बार कम से कम एक सांसद को तो कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है। हालांकि, मोदी जब पहली बार प्रधानमंत्री बने थे और 46 सदस्यीय मंत्रिमंडल का पहला गठन हुआ था तो 25 सीटें जीतने के बावजूद भी मात्र एक सांसद को ही मंत्री बनाया गया था और वो भी राज्य मंत्री। श्रीगंगानगर से सांसद निहाल चंद मेघवाल ( Nihal Chand Meghwal ) को राज्यमंत्री बनाया गया था और उनको रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय का जिम्मा सौंपा गया था।
इनको मिला था मौका
पहले मंत्रिमंडल विस्तार में जयपुर ग्रामीण सांसद राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ( Rajyavardhan Singh Rathore ) और अजमेर सांसद सांवर लाल जाट को मंत्री बनाया गया। इसके बाद अगले विस्तार में सांवरलाल जाट ( sanwar lal jat ) और निहाल चंद मेघवाल को हटा कर बीकानेर सांसद अर्जुन राम मेघवाल, पाली सांसद पीपी चौधरी और नागौर सांसद सीआर चौधरी को मंत्री बनाया गया था। इसके बाद हुए एक अन्य विस्तार में जोधपुर सांसद गजेन्द्र सिंह शेखावत ( gajendra singh shekhawat ) को मंत्री बनाया गया। यह सभी राज्यमंत्री थे। एक मात्र राज्यवर्धन सिंह को ही राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार का जिम्मा दे रखा था। राजस्थान से एक भी ऐसा मंत्री नहीं रहा, जिसने पूरे पांच साल का कार्यकाल पूरा किया हो। मोदी के पांच साल के पीएम के कार्यकाल में राजस्थान से कोई भी कैबिनेट मंत्री नहीं बना। सभी राज्यमंत्री थे। यहां तक कि राज्यसभा से भी जिन सांसदों को मंत्री बना रखा था, वे भी ज्यादातर राज्यमंत्री ही थे। एक मात्र वैंकेया नायडू कैबिनेट मंत्री थे, जिनको राजस्थान की राज्यसभा सीट से जिता कर लेकर गए थे, लेकिन वे भी कुछ समय बाद उपराष्ट्रपति बन गए।
इस बार लगाए जा रहे ज्यादा मंत्रियों के कयास
पीएम मोदी के दूसरे कार्यकाल में राजस्थान से पहले मंत्रिमंडल में ज्यादा मंत्रियों के कयास लगाए जा रहे हैं। चर्चा है कि दो या तीन को इस बार मंत्री बनने का मौका मिल सकता है। हालांकि, इस बारे में आधिकारिक तौर पर कहीं से भी कोई पुष्टि नहीं हुई है।





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