-मुआवजे के लिए पांच घंटे लगाया जाम
-प्रदर्शन के बाद नीचे उतारा शव
चित्तौडग़ढ़.
भैंसरोडगढ़ मार्ग स्थित देवपुरिया गांव में शनिवार सुबह खेत में लगे जामुन के पेड़ से टहनियां तोड़ते समय एक वृद्ध की पास से गुजर रहे ३३ केवी लाइन के तार की चपेट में आने से लगे करंट से मौके पर ही मौत हो गई।
घटना से क्षुब्ध परिजनों व ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर रावतभाटा-भैंसरोडगढ़ मार्ग पर करीब पांच घंटे तक जाम लगाकर प्रदर्शन किया। इससे मार्ग के दोनों तरफ वाहनों की कतारें लग गई। बाद में मौके पर पहुंचे उपखंड अधिकारी ने ग्रामीणों से वार्ता कर उन्हें उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद शव को नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी पहुंचाया। पुलिस ने बताया कि सुबह करीब 9 बजे देवपुरिया गांव में रावतभाटा-भैंसरोडगढ़ मार्ग के किनारे स्थित एक खेत में लगे जामुन के पेड़ से टहनियां तोडऩे चढ़े भैंसरोडगढ़ निवासी किसान देवीलाल माली (६०) की पेड़ को छूकर गुजरती 33 केवी विद्युत लाइन के तारों की चपेट में आने से मौके पर मौत हो गई और शव पेड़ की टहनियों में ही अटक गया।
दो किमी तक वाहनों की कतारें
घटना के बाद विद्युत निगम से मुआवजे की मांग को लेकर परिजन व ग्रामीण राजमार्ग पर पेड़ की टहनियां व झाडियां आदि डाल कर वहीं बैठ गए और मार्ग जाम कर नारेबाजी कर प्रदर्शन करने लगे। मार्ग पर जाम लगने से स्टेट हाइवे के दोनों तरफ करीब दो किमी तक वाहनों की कतार लग गई। सूचना पर मौके पर पहुंचे पुलिस कर्मियों ने समझाइश कर मार्ग बहाल कराने का भी प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण संबंधित अधिकारियों को मौके पर बुलाकर मुआवजा दिलाने की मांग करते रहे। जाम के कारण रावतभाटा आने वाली बसों में सवार कुछ यात्री बस ने उतर कर पैदल ही जाने लगे। जाम में फंसे श्रीपुरा निवासी रूपलाल मेघवाल ने बताया कि बीमार पत्नी को उपचार के लिए किराए के वाहन से रावतभाटा के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लेकर जा रहा था। जाम में फंसने से परेशानी उठानी पड़ी।
सूचना पर मौके पर पहुंचे एसडीएम रामसुख गुर्जर ने ग्रामीणों को मुआवजा दिलवाने का आश्वासन दिया। दोपहर करीब दो बजे ग्रामीण मार्ग बहाल करने व शव का पोस्टमार्टम कराने को तैयार हुए। इसके बाद पुलिस ने शव को पेड़ से नीचे उतरवाकर मोर्चरी पहुंचाया और पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया।
पहले भी हुआ हादसा
ग्रामीणों ने बताया कि खेत में मात्र 15 से 20 फीट की उंचाई पर गुजर रही 33 केवी हाईटेंशन लाइन से पहले भी हादसे हो चुके हैं। करीब एक माह पहले हाईटेंशन लाइन में स्पार्किंग होने से इसी खेत में चारे में आग लगने की घटना हो चुकी थी।





No comments:
Post a Comment