पाली. मारवाड़-गोडवाड़ के लोगों में उच्च रक्तचाप बढ़ रहा है। 18 वर्ष से ज्यादा की आयु के 30 लोगों को हाइ ब्लड प्रेशर की बीमारी सामने आ रही है। किसी भी व्यक्ति को सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर 140 एवं डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर 90 से ज्यादा हो तो वह हाइपरटेंशन या हाइ बीपी की कैटेगरी में माना जाता है। हाई ब्लड प्रेशर से करीब 10 मिलियन मौतें सालाना हो जाती है। इनमें पचास प्रतिशत हार्ट डिजीज, लकवा एवं हार्ट फेल्योर से होती है। 13 परसेंट मौत, जिन्हें शुगर की बीमारी होती हैं, उनकी होती है। चिकित्सकों की माने तो बांगड़ अस्पताल की मेडिकल ओपीडी में तीस प्रतिशत मरीज हाई ब्लड पे्रशर के आ रहे हैं।
इससे बढ़ता है हाइपरटेंशन
नमक बहुत खाना, अधिक वजन होना, धूम्रपान करना, शराब पीना
हाइपरटेंशन से यह है जोखिम
- दिल का दौरा, गुर्दे की विफलता, स्ट्रोक, लकवा, नेत्र विकार।
क्या करें और क्या ना करें
- नियमित रूप से व्यायाम करें
- आहार का नियोजन करें
- सक्रिय रहें
- तनाव से बचें
- धूम्रपान व शराब का त्याग करें
आज अस्पताल में शिविर भी
वल्र्ड हाइपरटेंशन डे पर पब्लिक में जागरूकता पैदा करने के लिए शुक्रवार को बांगड़ अस्पताल में ब्लड प्रेशर चेक अप शिविर होगा। प्रोफेसर डॉ. एचएम चौधरी ने बताया कि सुबह आठ से दोपहर 12 बजे तक मेडिकल ओपीडी में मरीज जांच करवा सकते हैं।
आमजन जागरूक रहें
हाइपरटेंशन को लेकर जागरूक होना चाहिए। अब आमजन नियमित रूप से अस्पताल बीपी चेक करने आते भी हैं और नियमित रूप से दवाई भी लेते हैं।
- डॉ. एचएच चौधरी, प्रोफेसर, मेडिसिन, बांगड़ अस्पताल मेडिकल कॉलेज, पाली।





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