रायपुर मारवाड़. उपखण्ड मुख्यालय से सटी एक ढाणी ऐसी भी है जहां पेयजल सुविधा के नाम पर एकमात्र सार्वजनिक नल है। जहां रोजाना पानी मिलने की उम्मीद लिए ग्रामीणों का मेला लगता है। इस नल में पिछले दो माह से पानी की एक बूंद नहंीं टपकी है। प्यासे कंठ लिए ग्रामीण मदद की गुहार लगा रहे हैं लेकिन आज तक किसी ने कोई मदद नहीं की है। हम बात कर रहे है मादेलाव ढाणी की। जो मुख्यालय से महज तीन किलोमीटर दूर है। इस ढाणी में देवासी समाज के 55 परिवार रहते हैं। जबकि करीब 40 परिवार अन्य जाति से जुड़े हुए हैं। इस ढाणी में कुछ सालों पहले लाइन बिछा कर ढाणी की की चौपाल पर एकमात्र सार्वजनिक नल लगाया गया। इसी नल से ढाणी के सभी लोग पीने का पानी लेने पहुंचते थे। दो माह पहले अज्ञात कारणों से नल से पानी आना बंद हो गया। एक हैण्डपम्प था वो भी नकारा पड़ा है।
हर चौखट पर दे चुके दस्तक
ढाणी में रहने वाले शेषाराम, बाबूलाल, सुखदेव देवासी सहित अन्य लोग जलदाय विभाग के दफ्तर पहुंचे और जलापूर्ति बहाल कराने की गुहार लगाई। जिम्मेदारों ने लाइन ग्राम पंचायत द्वारा बिछाने का तर्क देकर पल्ला झाड़ लिया। उन्होंने ग्राम पंचायत में मांग दोहराई, वहां से भी मदद नहीं मिली। ग्रामीणों ने प्रशासन को अवगत कराया लेकिन उन्होंने भी रुचि नहीं दिखाई।
अब मांग के बुझा रहे प्यास
इस ढाणी के लोगों की मानें तो वे रोजाना सुबह खाली मटका लेकर इस नल पर इस उम्मीद से जाते हैं कि कहीं नल में पानी आ जाए। जब मायूसी हाथ लगती है तो वे कुओं के मालिकों के पास जाकर मदद की गुहार लगा एक मटका पानी मांग कर लाते हैं। दो माह से इसी मदद के पानी से ढाणी के लोग प्यास बुझा रहे हैं। अब तो कुओ के मालिक भी मुंह मोडने लगे हैं।
अब धरने का निर्णय
दो माह से पानी के लिए भटक रहे इन लोगों ने अब कलक्टर को पत्र भेजा है। जिसमें समय रहते राहत नहीं मिलने पर एसडीएम के दफ्तर के सामने धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।
हमारा कोई लेना देना नहीं है
मादेलाव ढाणी में ग्राम पंचायत ने लाइन बिछाई थी। जिसकी देखरेख की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की है। वहां पानी नहीं आ रहा है तो ग्राम पंचायत जाने। हमारा कोई लेना देना नहीं है। हैण्डपम्प अगर खराब है तो हम दुरुस्त करवा देंगे।
डीआर. नोगिया, एईएन, पीएचईडी





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