प्रतापगढ़. मोताणे के मामले को लेकर जिले के पारसोला थाना क्षेत्र लोहागढ़ चौकी इलाके में एक पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष के गांव में जाकर आगजनी की और बाप बेटे का अपहरण कर अपने साथ ले आए। बाद में बाप बेटे को छुड़ाने गई पुलिस पर भी इन लोगों ने हमला कर दिया। इस हमले में सिपाही अर्जुन लाल घायल हो गया। पुलिस ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पारसोला थाना अधिकारी केसू लाल ने बताया कि 2 महीने पहले 19 मार्च को धरियावद में दो बाइक की आमने सामने भिड़ंत हो गई थी। इसमें पारसोला थाना क्षेत्र के देवला गांव मैं रहने वाले गोपाल मीणा की मौत हो गई थी। इस पर धरियावद थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर गोपाल का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया था। अंतिम संस्कार भी गोपाल का हो चुका था। इस मामले में बाइक भिड़ंत में सामने वाले पक्ष से मोताणे पर समझौता हुआ था। इस बारे में दो महीने से आदिवासी समुदाय के दोनों पक्षों के बीच बातचीत चल रही थी। बीच में एक बार दोनों पक्षों के बीच जमकर विवाद भी हुआ था। उसके बाद पुन: दोनों पक्षों के बीच 10 मई को समझौता राशि देने की बात हुई थी। इस बीच गत शुक्रवार को गोपाल मीणा के परिजन और परिचित देवला गांव में इक_े हो गए। लेकिन दूसरे पक्ष मउड़ीखेड़ा गांव से कोई नहीं पहुंचा। यहां के लोग किसी विवाह समारोह में भाग लेने चले गए थे। इस पर गोपाल मीणा के पक्ष के लोग मउडी खेड़ा गांव पहुंच गए और यहां पर मकानों में तोडफ़ोड़ कर आगजनी की, वहां पर मौजूद धर्मा मीणा और उसके बेटे गोटिया को यह लोग उठा कर ले आए और बंधक बना लिया। देवला गांव में बंधक बनाकर रखे गए इन लोगों के साथ मारपीट भी की गई। मामले की सूचना मिलने पर पारसोला थाना पुलिस देवला गांव पहुंची और बंधकों को छुड़ाने का प्रयास किया। हालांकि पुलिस ने दोनों बाप बेटों को छुड़ा तो लिया लेकिन इस दौरान कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों के साथ भी मारपीट की । सूचना पर पुलिस के उच्च अधिकारी और पुलिस जाब्ता मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रण में किया। फिलहाल दोनों गांव में पुलिस बल तैनात हैं और पारसोला थाने में आगजनी और पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट का मामला दर्ज किया गया है।





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