सीकर. भाजपा-कांग्रेस के दिग्गजों को संसदीय क्षेत्र के 2046 बूथों में से सर्वाधिक वोट सीकर शहर के बूथों से ही मिले। लगातार दूसरी जीत हासिल करने वाले भाजपा के सुमेधानंद सरस्वती को पोलोग्रउण्ड स्थित विद्याश्रम बूथ पर सबसे ज्यादा वोट मिले है। यहां 1074 मतों में से भाजपा का 914 वोट मिले। दूसरी तरफ कांग्रेस प्रत्याशी सुभाष महरिया को सीकर शहर के ही बूथ चौहानों की गली चार कुतक क्षेत्र में सर्वाधिक मत मिले। यहां 1077 वोटों में कांग्रेस को 1052 वोट मिले। जबकि भाजपा प्रत्याशी को 8 व माकपा प्रत्यााशी को 15 और सीतादेवी को एक वोट मिला। एक मतदाता ने नोटा भी दबाया।
सीकर: विद्याश्रम बूथ पर सबसे ज्यादा
भाजपा प्रत्याशी व सांसद सुमेधानंद को विद्याश्रम स्कूल के बूथ पर सबसे ज्यादा वोट मिले। यहां 1074 मतों में से भाजपा को 914 वोट मिले। जबकि कांग्रेस के सुभाष महरिया को 137 व अन्य को 23 ही मत मिले। इस बूथ पर विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा को 720 वोट मिले थे। लोकसभा चुनाव में वोटों में इजाफा भी हुआ है। यह नगर परिषद में नेता प्रतिपक्ष अशोक चौधरी का वार्ड भी है। इस्लामिया मिडिल स्कूल पुराना भवन के बूथ पर जहां कांग्रेस प्रत्याशी को 920 व भाजपा प्रत्याशी को महज 70 ही वोट मिले। आयशा शिक्षण संस्थान के दाया भाग में कांग्रेस को 1008 और भाजपा को महज 21 वोट ही मिले। इस क्षेत्र के दूसरे बूथ पर कांगे्रस को 917 व भाजपा को 16 वोट मिले। फतेहपुर रोड स्थित अधिशाषी अभियंता कार्यालय सार्वजनिक निर्माण विभाग बूथ पर भाजपा को 425 व कांग्रेस को 375 वोट मिले। चुनाव के दौरान नवलगढ़ रोड के जिस बूथ पर विवाद हुआ वहां कांग्रेस को लीड मिली।
विधायक पारीक भी अपने बूथ पर पीछे
पूर्व उद्योग मंत्री व मौजूदा विधायक राजेन्द्र पारीक भी अपने बूथ पर कांग्रेस को बढ़त नहीं दिला सके। कांग्रेस को बूथ संख्या 102 पर 199 वोट मिले। जबकि पारीक के गढ़ कहे जाने वाले इस क्षेत्र में भाजपा को 642 वोट मिले। विधानसभा चुनाव में स्थिति एकदम उलट थी।
धोद: जिलाध्यक्ष के गांव में कांगे्रस पीछे
कांगे्रस जिलाध्यक्ष पीएस जाट के पैत्तृक गांव में पलथाना में भी कांग्रेस पीछे रही। पलथाना गांव के बूथों पर कांग्रेस को 171, 156 व 109 वोट मिले। जबकि गांव के इन्ही बूथों पर भाजपा को 263, 221 व 448 वोट मिले। धोद विधानसभा क्षेत्र के ज्यादातर गांवों में कांग्रेस विधानसभा चुनाव की तरह लीड बनाने में असफल रही। सबलपुरा व पुरा बड़ी की ढाणी में कांग्रेस को 94, 556 व 112 वोट मिले। इन्ही बूथों पर भाजपा को 320, 47 व 367 मत मिले। भढ़ाडर गांव में कांग्रेस को 290 व 186 वोट मिले। इन्ही बूथों पर भाजपा को 335 व 453 वोट मिले।
मोरदिया को घर के पड़ोस में मिली हार
धोद विधायक परसराम मोरदिया को फतेहपुर रोड स्थित उनके आवास इलाके में कई जगह हार मिली। सबसे नजदीकी बूथ अधिशाषी अभियंता कार्यालय पीडब्लूडी के बूथ पर पीछे रहे। यहां भाजपा को 425 व कांग्रेस को 375 वोट मिले।
चौमू: गांव- शहर सभी जगह आगे
चौमू विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण शहरी बूथों पर भाजपा आगे रही। कालाडेरा के चार बूथों पर कांग्रेस को 56, 171, 293 व 226 वोट मिले। गांव के इन्ही बूथों पर 496, 566, 512 व 511 वोट मिले।
नीमकाथाना: सुरेश मोदी भी रहे पीछे
नीमकाथाना के स्थानीय विधायक सुरेश मोदी भी अपने बूथ पर पीछे रहे है। सुरेश मोदी के आवास इलाके के बूथ संख्या 147 पर कांग्रेस को जहां 223 तो भाजपा को 453 वोट मिले।
श्रीमाधोपुर: पूर्व विस अध्यक्ष के गांव में पिछड़े
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष दीपेन्द्र सिंह शेखावत के बूथ पर कांग्रेस को जहां 198 व भाजपा को 386 वोट मिले है। इसी तरह के 40 से अधिक बूथ ऐसे है जहां विधानसभा चुनाव के मुकाबले कांग्रेस काफी पिछड़ गई।
खंडेला: विधायक के गांव में पिछड़ी
खंडेला विधायक व पूर्व केन्द्रीय मंत्री महादेव सिंह खंडेला के दुल्हेपुरा गांव में ही कांग्रेस पिछड़ गई। यहां कांग्रेस को 270 तो भाजपा को 378 वोट मिले। जबकि यहां कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लडऩे वाले सुभाष मील के गांव के बूथ पर कांग्रेस आगे रही। मील के बूथ पर कांग्रेस को 260 व भाजपा को 212 वोट मिले।
लक्ष्मणगढ़: दोनों घरों के इलाके में आगे
शिक्षा राज्य मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा अपने गांव ढाणी कृपाराम के बूथ पर आगे रहे। कांग्रेस को 298 वोट मिले। जबकि भाजपा को 279 वोट मिले हैं। उनके सीकर आवास पर भी कांग्रेस आगे रही।
दांतारामगढ़: पलसाना, गोवटी अन्य क्षेत्रों में लीड
दांतारामगढ़ में भी कांग्रेस का वोट बैंक स्विंग हुआ। पलसाना के छह बूथों पर कांग्रेस को 195, 274्र, 209, 244, 251 व 473 वोट मिले। जबकि यहां भाजपा को 522, 436, 426, 311, 506 व 366 वोट मिले। गोवटी के बूथ पर कांगे्रस को 214, 81 व 241 वोट मिले। इसी गांव के इन बूथों पर भाजपा को 339, 638 व 458 वोट मिले है।
विधायक को घर में मिली लीड
पहली बार जीतने वाले दांतारामगढ़ विधायक वीरेन्द्र सिंह को गांव तुलसीरामपुरा में काफी अच्छी लीड मिली। इनके गांव में कांंग्रेस को जहां 488 वोट मिले। जबकि भाजपा को यहां 33 वोट ही मिले।
फतेहपुर: प्रत्येक चुनाव में बढ़त
विधानसभा चुनाव में तो भाजपा को यहां हार मिली। लेकिन लोकसभा चुनाव में भाजपा की लीड का अंतर बढ़ता जा रहा है। पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा को 15 हजार वोटों से लीड मिली। जबकि इस चुनाव में भाजपा की लीड बढकऱ 23 हजार तक पहुंच गई।





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